डलमऊ (रायबरेली)। गंगा में उफान आने के साथ सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने से सोमवार को पूर्णिमा के स्नान के लिए घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को जोखिम के बीच स्नान करना होगा। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा को लेकर खानापूर्ति की गई है। हाल यह है कि स्नान घाट पानी में डूबे हैं। सीढ़ियों का तल भी नहीं दिख रहा है। घाट के किनारे गंदगी को भी साफ नहीं किया गया है।

Trending Videos

पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। रविवार को जलस्तर 97.600 मीटर पर रहा। जबकि दो दिन पूर्व यह 98.120 मीटर पर था। गंगा के घाट पानी में डूब गए हैं और यह पता लगना मुश्किल है कि सीढ़ी कहां पर हैं। सोमवार को हजारों की संख्या में लोग पूर्णिमा पर गंगा स्नान करेंगे।

प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था नहीं की गई है। नदी में इस समय बहाव बहुत तेज है और घाट की सीढि़यां दिख नहीं रही है। बैरिकेडिंग कर जो रस्सी लगाई गई है वह भी पानी में डूबी हुई है। इस कारण स्नान करने वालों को जोखिम लेना पड़ेगा।

उप जिलाधिकारी डलमऊ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पूर्णिमा के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा के लिए पर्याप्त रूप से पुलिस बल की तैनाती रहेगी।

मुराईबाग में फिर लगेगा जाम

पूर्णिमा पर जब भी गंगा स्नान होता है तो मुराईबाग में जाम लग जाता है। सोमवार को सावन पूर्णिमा का बड़ा स्नान है। हजारों की संख्या में लोग गंगा घाटों पर पहुंचेंगे। जिसके चलते सड़क पर वाहन की संख्या के साथ भीड़ अधिक होगी। मुराईबाग में सड़क किनारे अतिक्रमण को हटाया नहीं गया है, जिससे सोमवार को फिर से जाम लगने की आशंका है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *