
धनतेरस पूजन का शुभ समय
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धनतेरस पर पूजन और खरीदारी के लिए शुभ संयोग बन रहे हैं। शुक्रवार की दोपहर से लेकर शनिवार की सुबह तक श्रद्धालु धनतेरस का पूजन और खरीदारी कर सकते हैं। द्वादश राशि के अनुसार धनतेरस पर खरीदारी सुख और सौभाग्यदायक होगी। इसके साथ ही शाम को यम को दीपदान किया जाएगा।
आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि धनतेरस पूजन का मुहूर्त कुंभ लग्न में दोपहर 1.16 बजे से 2:47 बजे, वृष लग्न में शाम 5:52 बजे से 7:48 बजे से, सिंह लग्न में रात्रि 12:20 से 2:34 बजे तक है। वृश्चिक लग्न में पूजन का मुहूर्त 11 नवंबर को सुबह 7:02 बजे से 9:19 बजे तक है। वहीं खरीदारी का सबसे बढ़िया मुहूर्त दिन में 2.46 से लेकर 4.15 बजे तक है। इसमें मीन लग्न है और मीन का स्वामी गुरु स्व राशि है। जिस कारण जीवन में उन्नति होगी।
दीपदान से मन होगा स्थिर, दूर होंगे क्लेश
धनत्रयोदशी के दिन यम को दीपदान प्रदोषकाल में करना चाहिए। प्रदोषकाल का समय शाम 4.35 से 5.58 बजे तक है। इस समय मेष लग्न में दीपदान से मन स्थिर और क्लेश दूर होंगे। दीपदान करने से व्यय का समाधान होता है और आय में बढ़ोतरी होगी। यम को दीपदान के लिए आटे का एक बड़ा दीपक तैयार करें। स्वच्छ रूई लेकर दो लंबी बत्तियां बना लें। उन्हें दीपक में एक दूसरे पर इस प्रकार रखें कि दीपक के बाहर बत्तियों के चार मुंह दिखाई दें। कार्तिक मास में कृष्णपक्ष की त्रयोदशी के दिन शाम को घर के बाहर यमदेव के लिए दीप रखने से अकाल मृत्यु का निवारण होता है। पूरे वर्ष में एकमात्र यही वह दिन है जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा होती है।
