उरई। बीएसएनएल की फ्रेंचाइजी लेकर 34 हजार फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोपी धर्मेंद्र सक्सेना को दो दिन पहले मंगलवार को अंडमान एवं निकोबार की पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया है। उसके दोनों साथी उन्नाव के मोहम्मद साहिल और कानपुर के मोहम्मद जफर को भी पुलिस तलाश रही है। पुलिस को शक है कि कई ऐसे लोगों के भी आधार कार्ड बनाए गए हैं, जो वहां के रहने वाले भी नहीं हैं।

जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बापू साहब और हाल पता उरई के पटेल नगर निवासी धर्मेंद्र सक्सेना के खिलाफ मार्च 2025 में बड़े पैमाने पर फर्जी आधारकार्ड बनाने की रिपोर्ट अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। यह रिपोर्ट वहीं के बीएसएनएल के सहायक प्रबंधक चेट्टियकंडी ने दर्ज कराई थी। धर्मेंद्र की संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत सहायक प्रबंधक ने फरवरी में ही की थी। इसके बाद से ही पुलिस जांच कर रही थी।

सहायक प्रबंधक ने तहरीर में बताया कि धर्मेंद्र सक्सेना को जुलाई 2024 में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में बीएसएनएल ग्राहक सेवा केंद्र व आधार नामांकन, अपडेट का काम सौंपा गया था। उसने उन्नाव के पचगहरा के निजामपुर निवासी सुपरवाइजर मोहम्मद साहिल, कानपुर के मोहल्ला बेकनगंज निवासी मोहम्मद जफर को भी अपने यहां काम पर रख लिया था।आरोप है कि इन लोगों ने यूआईडीएआई की अनुमति से मिले यूजर क्रेडेंशियल्स और मशीन आईडीएस का दुरुपयोग कर कई प्रदेशों में करीब 34000 आधार नामांकन किए। साफ्टवेयर से छेड़छाड़ कर बड़ी संख्या में गैर अधिकृत निवासियों के आधार कार्ड बनाए। सुपरवाइजर्स ने ऑपरेटरों से मिलकर रिमोट कनेक्टिविटी साफ्टवेयर इंस्टाल करवाए और संवेदनशील आधार डेटा चुराया। यह डेटा अनधिकृत गतिविधियों व क्लोनिंग में इस्तेमाल होने की आशंका है। मामले की जांच पीएसआई एन कार्तिक राजन कर रहे हैं। पुलिस ने साहिल और जफर के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया और उनकी तलाश कर रही है।

इसमें जालौन के बाबू साहब व हाल पता पटेल नगर उरई निवासी धर्मेंद्र सक्सेना, उन्नाव के पचगहरा के निजामपुर निवासी सुपरवाइजर साहिल, कानपुर के मोहल्ला बेकनगंज निवासी मोहम्मद जफर के नाम प्रकाश में आए थे। मंगलवार को पुलिस ने धर्मेंद्र को कोलकाता स्थित आवास से गिरफ्तार किया है। उसे कोर्ट मेें पेश किया गया, जहां से पोर्ट ब्लेयर जेल भेज दिया गया है।

कोलकाता को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका कर दी थी खारिज

पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद धर्मेंद्र ने अग्रिम जमानत के लिए मार्च 2025 में कोलकाता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। कोर्ट की ओर से जमानत याचिका खारिज हो जाने के बाद से वह फरार चल रहा था।

इनसेट

पुलिस महानिदेशक कार्यालय अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि धर्मेंद्र सक्सेना ने फर्जी आधार का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर आधार धोखाधड़ी और भूमि घोटाले में किया है। इसकी शिकायतें भी पुलिस को मिल रही हैं।

वर्जन

आरोपी स्थान बदलकर फ्रेंचाइजी के माध्यम से आधार कार्ड बनाने का कार्य करते थे। उन्हें इसकी जानकारी मिली है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम लगाई जाएगी।

डॉ. दुर्गेश कुमार, एसपी जालौन



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