Dimple Yadav is superior to everyone in the election results, the most powerful in the Yadav family.

डिंपल यादव

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अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के मुखिया हैं। उनकी ही अगुआई में पार्टी ने लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। इन सबके बीच चुनावी नतीजों में डिंपल यादव सब पर भारी पड़ीं। उन्होंने मैनपुरी सीट दो लाख से ज्यादा वोटों से जीती है। यह परिवार के सभी सदस्यों से बड़ी जीत तो है ही, पार्टी के दूसरे निर्वाचित सांसद भी इतने बड़े अंतर से नहीं जीते।

कन्नौज से दो बार सांसद रहीं डिंपल यादव अब मैनपुरी की जनप्रतिनिधि हैं। मैनपुरी में वह दूसरी बार जीती हैं। पिछली बार 2022 में हुए उपचुनाव में जीतीं थीं। उन्होंने इस बार वहां से दूसरी जीत हासिल की है। उनकी जीत का अंतर 221639 वोट रहा। इतने बड़े अंतर से न तो पार्टी के दूसरे सांसद जीते हैं, न ही परिवार का कोई सदस्य।

इस तरह पार्टी और परिवार दोनों में ही डिंपल यादव का नाम सबसे बड़े विजेता के रूप दर्ज हुआ। उनके ठीक बाद अखिलेश यादव कन्नौज से 170922 वोटों से जीते हैं। इस अंतर से जीतने वाले वह पार्टी और परिवार दोनों में ही डिंपल यादव के बाद दूसरे नंबर पर हैं। परिवार मेंतीसरे नंबर पर रहे धर्मेंद्र यादव। मैनपुरी और बदायूं के बाद अब वह आजमगढ़ से जीते हैं। उनकी जीत का अंतर 161035 वोट का है। परिवार में वह तीसरे नंबर पर हैं।

फिरोजाबाद से दूसरी बार सांसद बने अक्षय यादव 79312 वोट के अंतर से जीत कर चौथे नंबर पर रहे। बदायूं से पहली बार उतरे और पहली ही बार में जीते आदित्य यादव की जीत का अंतर 35067 वोट का रहा। परिवार के सदस्यों में वोटों के अंतर से वह पांचवें नंबर पर रहे। 

  • अखिलेश यादव: पार्टी मुखिया पांचवीं बार लोकसभा पहुंचे हैं। कन्नौज से यह उनकी चौथी जीत है। पिछला चुनाव उन्होंने आजमगढ़ से जीता था। बाद में इस्तीफा दे दिया था।
  • डिंपल यादव: डिंपल यादव मैनपुरी से दूसरी बार सांसद चुनी गई हैं। यह उनकी कुल चौथी जीत है। इसके पहले वह दो बार कन्नौज संसदीय सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंच चुकी हैं।
  • धर्मेंद्र यादव: धर्मेंद्र यावद आजमगढ़ से चुनाव जीतने वाले सैफई परिवार के तीसरे सदस्य हैं। इसके पहले वह दो बार बदायूं से सांसद बन चुके हैं। पहली बार वह मैनपुरी से सांसद बने थे।
  • अक्षय यादव: फिरोजाबाद से जीते अक्षय यादव दूसरी बार सांसद बने हैं। पहली बार वह 2014 में जीते थे। पिछला चुनाव हार गए थे। इस बार फिर उसी सीट से जीत कर दिल्ली का सफर तय किया है।
  • आदित्य यादव: पहली बार चुनावी मैदान में उतरे आदित्य यादव के लिए यह चुनाव यादगार बन गया। पार्टी की परंपरागत सीट से पहली बार उन्हें मौका मिला। पहली ही बार में जीत कर सांसद निर्वाचित हो गए। 



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