यूपी समेत 10 राज्यों में लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर निवेशकों का करीब 49 हजार करोड़ रुपये हड़पने वाली पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड कंपनी के निदेशक गुरजंत सिंह गिल को गिरफ्तार कर लिया गया है।इसे आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार को पंजाब के मोहाली से पकड़ा है। बता दें कि कंपनी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज होने के बाद शासन ने ईओडब्ल्यू को जांच सौंपी थी।
ईओडब्ल्यू के मुताबिक गुरजंत सिंह ने कंपनी का रजिस्ट्रेशन दिनांक 25 अक्तूबर 2011 को राजस्थान स्थित रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से कराया था, जिसका कारपोरेट कार्यालय नई दिल्ली की बारा खंभा रोड में था। बाद में कंपनी के निदेशक गुरजंत सिंह गिल ने अपने सहयोगी संचालकों और निदेशकों के साथ मिलकर यूपी, आसाम, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, केरल, बिहार, छत्तीसगढ़ में कंपनी की शाखाएं खोली थीं।
पंजीकरण कराए बिना बैंकिग कार्य शुरू कर दिया
ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि कंपनी द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 45 के अन्तर्गत एनबीएफसी में पंजीकरण कराए बिना बैंकिग कार्य शुरू कर दिया गया था। कंपनी द्वारा यूपी के महोबा, सुल्तानपुर, फर्रुखाबाद, जालौन आदि जिलों में अपनी शाखाएं खोलकर जनता में आकर्षक एवं लोक-लुभावन योजनाओं का प्रचार-प्रसार करके भूखंड (प्लॉट) देने के नाम पर जनता से धनराशि जमा कराकर बॉन्ड रसीदें जारी की गईं।
भूखंड या अन्य कोई लाभ नहीं दिया गया
कंपनी द्वारा 10 राज्यों में खोली गयी शाखाओं में निवेशकों से करीब 49 हजार करोड़ रुपये जमा कराए गए। हालांकि बाद में भूखंड या अन्य कोई लाभ नहीं दिया गया। निवेशकों की जमा की गई रकम भी वापस नहीं की गई।