– पहले चरण की काउंसलिंग के रजिस्ट्रेशन में तीन दिन शेष, विवि प्रशासन ने माना एक लाख के आसपास भर सकती हैं सीटें
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बीएड के प्रति युवाओं की रुचि तेजी से कम हो रही है।13 अगस्त से शुरू हुई पहले चरण की काउंसलिंग में शुक्रवार तक मात्र 6500 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया, जबकि 75 हजार पात्र हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को फैसला सुनाते हुए कहा था कि केवल बीटीसी (डीएलएड) डिप्लोमा धारक प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाने के पात्र होंगे। लेवल-1 (पहली से 5वीं कक्षा तक) के स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए बीएड अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाएंगे। इसका असर 2023 में हुए बीएड के दाखिले पर पड़ा। सरकारी कॉलेजों की करीब 8200 सीटों समेत 2.50 लाख सीटों पर दाखिले होने थे और सिर्फ 1.50 लाख सीटें ही भर सकीं। एक लाख सीटों पर दाखिला नहीं हो सका। सत्र 2024 में हुई प्रवेश परीक्षा में बुंदेलखंड विवि ने 25 जून को 1,93,062 छात्र-छात्राओं की रैंक जारी की। शासन ने 12 अगस्त को काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी किया। पहले चरण की काउंसलिंग में 75 हजार छात्र-छात्राओं को बुलाया गया है। 13 अगस्त की सुबह से शुरू हुई ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए शुक्रवार शाम तक करीब 6500 ने रजिस्ट्रेशन करते हुए च्वाइस भरी है। 19 अगस्त तक 11 हजार तक का आंकड़ा पहुंचने की उम्मीद है।
जानकारों का कहना है कि सरकारी कॉलेजों में बीएड की करीब 8200 सीटें हैं, जो पहले चरण की काउंसलिंग में फुल हो जाएंगी। प्राइवेट स्कूलों की सीटों पर दाखिला का संकट हो सकता है। दूसरे चरण की काउंसलिंग के रजिस्ट्रेशन 25 अगस्त से शुरू होंगे और 31 अगस्त तक चलेंगे, जिसमें भी कम विद्यार्थियों के आने से इन्कार नहीं कर सकते। गत वर्ष 1.50 लाख सीटें भरी थीं, जो अब एक लाख तक रह सकती है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर गत वर्ष के बीएड दाखिले पर पड़ा था। इस बार विद्यार्थी और कम रुचि ले रहे हैं, इसलिए दाखिले एक लाख के आसपास रह सकता है।
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सरकारी सीटें भरने के बाद और धीमे होंगे रजिस्ट्रेशन
विवि के जानकारों का कहना है कि सरकारी स्कूलों की सीटें फुल होने के बाद तो रजिस्ट्रेशन की गति और धीमी रहेगी। भला क्यों कोई ऊंची फीस देकर निजी कॉलेज में दाखिला लेगा।
