संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। 31 अक्टूबर को दिवाली है, ऐसे में त्योहार मनाने के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले यात्रियों को ट्रेनों में सीट मिलना मुश्किल हो गया है। झांसी से होकर गुजरने वालीं अधिकांश ट्रेनों में दिवाली के मौके पर सिर्फ वेटिंग ही मिल रही है। वहीं, कुछ ट्रेनें ऐसी भी हैं, जिनमें वेटिंग भी नहीं मिल रही। स्लीपर श्रेणी की स्थिति सबसे खराब है।
रेलवे ने सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों से स्लीपर श्रेणी के कोच आधे कर दिए और थर्ड एसी कोचों की संख्या बढ़ा दी है। इसलिए स्लीपर श्रेणी में वेटिंग लिस्ट लंबी बनी रहती है।
आम दिनों में एसी का किराया न दे पाने वाले यात्री स्लीपर कोचों में मनाही के बावजूद वेटिंग टिकट लेकर ही यात्रा करते हैं, जिससे कंफर्म सीट वाले यात्रियों को असुविधा होती है। अब यह असुविधा दिवाली पर और बढ़ने वाली है।
दिवाली से पहले घर पहुुंचने की योजना बना रहे यात्रियों को झांसी से होकर लखनऊ, गोंडा, बस्ती और बिहार के प्रमुख शहरों को जाने वालीं ट्रेनों में सीट मिलना मुश्किल हो गया है। पूर्वांचल को जाने वालीं दस में से आठ ट्रेनों में केवल वेटिंग मिल रही है। वहीं, दो ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट भी नहीं बची है। ऐसे में अब यात्रियों के पास वेटिंग का ही विकल्प बचा है।
पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि त्योहार के सीजन में वेटिंग मिलना स्वभाविक है। यात्री तत्काल का भी विकल्प चुन सकते हैं।
25 अक्टूबर से यह है आरक्षण की स्थिति
– 20103 लोकमान्य तिलक-गोरखपुर एक्सप्रेस- स्लीपर 30, थर्ड एसी 20 और सेकेंड एसी में 10 वेटिंग है।
– 12590 सिकंदराबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस-थर्ड एसी 20, सेकेंड एसी और स्लीपर में वेटिंग भी नहीं है।
– 22538 कुशीनगर एक्सप्रेस- थर्ड एसी 10, सेकेंड एसी 5 और स्लीपर में वेटिंग भी नहीं है।
– 19167 साबरमती एक्सप्रेस- थर्ड एसी 10, सेकेंड एसी 10 और स्लीपर में 20 वेटिंग है।
– 20414 महाकाल एक्सप्रेस- थर्ड एसी 5, सेकेंड एसी 3 और स्लीपर में 5 वेटिंग है।
– 22534 यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस- थर्ड एसी 20, सेकेंड एसी 10 और स्लीपर में वेटिंग भी नहीं है।
– 11079 ग्वालियर-बरौनी मेल-थर्ड एसी 50, सेकेंड एसी 15 और स्लीपर में 65 वेटिंग है।
– 12534 पुष्पक एक्सप्रेस- थर्ड एसी इकॉनोमी 15, सेकेंड एसी 10 और स्लीपर में 20 वेटिंग है।
– 12512 राप्तीसागर एक्सप्रेस- थर्ड एसी 20, सेकेंड एसी 10 और स्लीपर में 49 वेटिंग है।
इन ट्रेनों में हैं इतने स्लीपर कोच
– लोकमान्य तिलक-गोरखपुर एक्सप्रेस में 7 स्लीपर कोच।
– सिकंदराबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में 4 स्लीपर कोच।
– कुशीनगर एक्सप्रेस में 4 स्लीपर कोच।
– साबरमती एक्सप्रेस में 8 स्लीपर कोच।
– महाकाल एक्सप्रेस में 3 स्लीपर कोच।
– यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस में 4 स्लीपर कोच।
– ग्वालियर-बरौनी मेल में 10 स्लीपर कोच।
– पुष्पक एक्सप्रेस में 5 स्लीपर कोच।
– राप्तीसागर एक्सप्रेस 4 स्लीपर कोच।
