
सैंठा पीएचसी में मरीजों का इलाज करते डाक्टर।
अमेठी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी परिसर में आयोजित होने वाले आयुष्मान भव मेले के प्रति चिकित्सक और कर्मचारी संवेदनहीन हैं। अमेठी सीएचसी में ड्यूटी लगने के बावजूद चिकित्सक व कर्मी 11 बजे तक मेले में नहीं पहुंचे थे। जिले में संचालित 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयुष्मान भव मेला आयोजित हुआ। मेले में मरीजों की जांच व उपचार के साथ गर्भवती महिलाओं को जांच व प्रसूता व नवजात का टीकाकरण भी किया गया।
शहर स्थित सीएचसी पर आयोजित आयुष्मान भव मेले में चार चिकित्सकों के साथ कर्मचारी आशाओं की ड्यूटी लगाई गई थी। मेले में 11 बजे तक डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. अंजली यादव, डॉ. प्रीति सिंह नहीं पहुंची थीं। गैर संचारी काउंटर पर लगी आशा मिथिलेश और सुमन सरोज, धीरेंद्र कुमार सिंह, आयुष्मान भारत की सुषमा मिश्रा मेले में 11 बजे तक नहीं पहुंचे थे। मौके पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलोक तिवारी और आयुष चिकित्सक डॉ. संजय गुप्ता मरीज को देखते नजर आए।
मेले में पहुंचे सुरेश नारायण पांडेय ने बताया कि डेंगू से पीड़ित हो गया था। तब से शरीर में कमजोरी व अन्य समस्याएं बनी हैं। चिकित्सक ने जांच करने की सलाह देते हुए दवा दी। सुरेंद्र कुमार और शकुंतला ने हाइपर टेंशन की परेशानी बताई तो पूजा सिंह, साहिल पेट दर्द बुखार की समस्या से पीड़ित थे। चिकित्सक डॉ संजय गुप्ता ने मरीजों की जांच कर दवा दी। आयुष्मान भव मेले में 254 मरीज पहुंचे, जिसमें से 35 की जांच की गई। गौरीगंज में डॉ. राजीव सौरभ के साथ अन्य डॉक्टरों ने मेले में पहुंचे 103 मरीजों का उपचार कर दवा देते हुए गर्भवती व प्रसूता का टीकाकारण कराया।
बदलते मौसम में बरतें सतर्कता
सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलोक तिवारी ने बताया कि बदलते मौसम के साथ सतर्कता बरतें। गर्म कपड़े पहनें। उन्होंने कहा कि ब्लड प्रेशर के मरीज धूप निकलने के बाद मॉर्निंग वाक पर जाएं। एकांत जगह पर मॉर्निंग वाक नहीं करें। ब्लड प्रेशर के मरीज सुबह की जगह शाम को वाक करें तो बेहतर है। 50 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए सावधानी रखने की जरूरत है। भोजन में गरम और ताजा खाद्य पदार्थ का ही सेवन करें।
