{“_id”:”66ccce38b66f62380d05a7b4″,”slug”:”doctors-had-half-day-in-the-hospital-and-full-day-patients-got-lost-orai-news-c-224-1-ka11004-118907-2024-08-27″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: अस्पताल में हाफ तो डॉक्टरों का रहा फुल डे, भटके मरीज”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

उरई। जन्माष्टमी पर जिला अस्पताल में कुछ डॉक्टरों ने पूरी छुट्टी मना ली। जबकि आज हाफ डे काम करना था। डॉक्टरों के न आने से अस्पताल आने वाले मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। कई मरीज ऐसे थे, जिन्हें पुरानी जांच दिखानी थी तो कई मरीज इलाज के लिए एक डॉक्टर से दूसरे डॉक्टर के कमरे में भटकते रहे और थक कर वापस हो लिए।

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हड्डी रोग विशेषज्ञ से लेकर सर्जन तक अपने चैंबर से नदारद थे। बीपी की जांच करने वाले कर्मचारी भी गायब थे। कुछ कमरे बंद थे तो कुछ खुले थे। जिसकी वजह से खुले कमरों को देखकर मरीज डॉक्टर के इंतजार में बैठे रहे लेकिन जब चिकित्सक नहीं मिले तो कुछ मायूस होकर लौट गए तो कुछ दूसरे चिकित्सक से दवा लेकर चले गए। डॉ. अविनेश कुमार व डॉ. शक्ति मिश्रा, डॉ. दीपक आर्या अपने कक्ष में मरीज देख रहे थे। बीपी जांच वाला कक्ष खाली था। फिजीशियन शिवेश वर्मा कक्ष में बैठे थे। डॉ. एसपी सिंह मरीज देख रहे थे। सर्जन डॉ. अदील अंसारी का गेट बंद था। डॉ. विनय अग्रवाल व डॉ. केपी सिंह का गेट तो खुला था पर कुर्सियां खाली थी। डॉ.मधुसूदन व डॉ. राम द्विवेदी की कुर्सी खाली थी। बी ब्लॉक में चिकित्सक बैठकर मरीज देख रहे थे। आज 526 मरीज देखे गए। हाफ डे में 8 से 11 बजे तक चिकित्सक बैठकर मरीज देखते है।

मरीज बोले, करते रहे इंतजार नहीं मिले डॉक्टर

जोल्हूपुर के अमित कुमार का कहना है कि उन्हें पेट दर्द की समस्या है। सर्जन को दिखाना था लेकिन वह नहीं मिले। जिसकी वजह से परेशान घूम रहे है। जोल्हूपुर से आए है, अब वापस जा रहे हैं। इतना पैसे नहीं है कि प्राइवेट चिकित्सक को दिखा पाएं। शहर के मोहल्ला बघौरा की नसरीन ने बताया कि उन्हें चिकित्सक ने बीपी की जांच कराने की सलाह दी है। जब जांच कराने पहुंचे तो वहां कोई कर्मचारी नहीं था। जिसकी वजह से आज जांच नहीं हो पाई। इससे वह परेशान होकर घूम रही हैं। अब कल फिर आना होगा।

मुख्यालय छोड़ने की लेने पड़ती है अनुमति

आज गैरहाजिर होने वाले कई चिकित्सक शहर छोड़कर छुट्टी मनाने चले गए हैं। क्योंकि रविवार अवकाश और सोमवार को जन्माष्टमी का हाफ डे होने के कारण कई चिकित्सक नहीं आए। जबकि उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति लेनी होती है। ऐसे में चिकित्सकों के न आने से मरीजों को दिक्कत हुई।

वर्जन

देखेंगे कि कौन चिकित्सक छुट्टी लेकर गया है और कौन बिना छुट्टी के। अगर कोई चिकित्सक या स्टाफ बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ता है तो उससे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर उनके वेतन से कटौती होगी। -डॉ. जगजीवन राम, सीएमएस जिला अस्पताल

व्यावहारिक ट्रेनिंग के लिए जाएंगे चिकित्सक व स्टाफ नर्स

उरई। अस्पताल आने वाले मरीजों व तीमारदारों से आए दिन होने वाले अभद्र व्यवहार की शिकायतें शासन तक पहुंच रही थीं। इसे लेकर शासन ने चिकित्सक और स्टाफ को व्यावहारिक ट्रेनिंग कराने का निर्णय लिया है। जिला अस्पताल से सीएमएस डॉ. जगजीवन राम, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट अर्चना विश्वास व स्टाफ नर्स स्मिता लिलियन 27 व 28 अगस्त को दो दिवसीय ट्रेनिंग पर लखनऊ जाएंगी। ट्रेनिंग के बाद अस्पताल के स्टाफ को भी इस बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। (संवाद)



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