रायबरेली। कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर की हत्या के विरोध में शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की हड़ताल रही। इससे निजी क्लीनिक, पैथोलॉजी और हॉस्पिटलों में चिकित्सीय सेवाएं ठप रहीं। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं मरीजों को दी गईं। शाम को आईएमए के डॉक्टरों ने शहीद चौक पर एकत्र होकर जमकर नारेबाजी की। एम्स में छठवें दिन रेजिडेंट डॉक्टरों ने धरना दिया। स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने के कारण मरीजों को एम्स के गेट से ही लौटना पड़ा।
शनिवार को दिनभर हड़ताल पर रहने के बाद शाम को आईएमए के पदाधिकारी डिग्री कॉलेज चौराहा स्थित शहीद चौक पर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्रदर्शन कर घटना की कड़ी निंदा की। डॉक्टरों ने मामले में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। आईएमए के जिला मीडिया प्रभारी डॉ संजय रस्तोगी ने कहा कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार जल्द से जल्द दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे। इस मौके पर अध्यक्ष अतुल अग्रवाल, सचिन डॉ. प्रणव सिंह आदि चिकित्सक मौजूद रहे।
एम्स में शनिवार को छठवें दिन भी रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इमरजेंसी छोड़ सभी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं। एम्स परिसर में डॉक्टरों ने प्रदर्शन करके मृत ट्रेनी डॉक्टर के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। डॉक्टरों की सुरक्षा की भी मांग की। धरने में डॉ. तरुण छाबरा, डॉ. अंशुल सिंघल, डॉ. धीरज मीना, डॉ. आदर्श पांडेय, डॉ. परीक्षित, डॉ.अनमोल, डॉ. फैजान, डॉ. अपराजिता, डॉ. अजय गौड़ आदि शामिल रहे।
