संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। महानगर में जाम का मुख्य कारण बने ई-रिक्शाें पर परिवहन मुख्यालय के अफसरों ने कड़ा रुख अख्तियार किया हुआ है। इसके लिए, ई-रिक्शों की आयु तय होने के साथ ही उनको रोड टैक्स भी अदा करना होगा। इसके लिए परिवहन मुख्यालय पर विभागीय अफसरों ने मंथन शुरू कर दिया है। जल्द व्यवस्था को शुरू किया जाएगा।
महानगर में दिन प्रतिदिन ई-रिक्शों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वर्तमान में शहर में चार हजार से अधिक ई-रिक्शा संचालित किए जा रहे हैं। वर्तामान में सिर्फ पंजीकरण करने के बाद ही सड़कों पर ई-रिक्शों को दौड़ाया जा सकता है। रूट तय होने के साथ ही पाबंदियां नहीं होने के कारण शहर के मुख्य चौराहों से लेकर भीड़भाड़ वाले बाजारों में ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं। लेकिन अब ई-रिक्शा संचालकों को भी रोड टैक्स अदा करना होगा। इसके साथ ही ऑटों की तरह ही ई-रिक्शों की आयु सीमा भी तय की जाएगी।
इसके लिए परिवहन मुख्यालय पर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक ई-रिक्शा की आयु पांच से सात साल तक ही तय की जाएगी। संभागीय परिवहन अधिकारी प्रभात पांडेय ने बताया कि परिवहन ई-रिक्शों को लेकर परिवहन मुख्यालय में रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसके तहत ई-रिक्शों को भी रोड टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। इसके साथ ही आयु सीमा भी तय की जाएगी। इसके लिए परिवहन मुख्यालय के अधिकारी रूपरेखा तैयार करने में जुटे हुए हैं। मुख्यालय से आदेश मिलते ही अमल किया जाएगा।
