Education Admission PhD seats in UP College Professor get 8 reserve scholars Know special thing

यूपी कॉलेज में प्रवेश की तैयारियां शुरू।
– फोटो : अमर उजाला

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पीएचडी की मान्यता मिलने के बाद यूपी कॉलेज में प्रवेश की तैयारियां शुरू हो गई हैं। करीब 200 सीटों पर प्रवेश लिया जा सकेगा। जनवरी 2025 में एक कमेटी गठित कर दी जाएगी, जो सीटों का विवरण तैयार करेगी। साथ ही रोस्टर, पीएचडी कराने वाली फैकल्टी का भी चयन करेगी। 

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सेल्फ फाइनेंस कोर्स के शिक्षक, अनुबंध और नॉन पीएचडी फैकल्टी को पीएचडी कराने की अनुमति नहीं मिलेगी। यूजीसी के नियमों के मुताबिक, यूपी कॉलेज में एक प्रोफेसर को 8 रिसर्च स्कॉलर मिलेंगे। प्रोफेसर की देखरेख में ही स्कॉलर शोध करेंगे। इसी तरह एसोसिएट प्रोफेसर को 6 और असिस्टेंट प्रोफेसर को 4 रिसर्च स्कॉलर मिलेंगे। यूपी कॉलेज प्रबंधन शैक्षिक सत्र 2024-25 से 2032-33 तक पीएचडी में प्रवेश ले सकेगा। 

इस सिलसिले में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने सोमवार को अधिसूचना जारी की और संबद्ध यूपी कॉलेज को पीएचडी की मान्यता से जुड़ी जानकारी दी। प्रिंसिपल प्रो. डीके सिंह ने कहा कि जो शिक्षक पहले से शोध सुपरवाइजर हैं, उनका ब्योरा भी तैयार होगा। सबको निर्धारित रिसर्च स्कॉलर ही मिलेंगे। पहले से पंजीकृत स्कॉलर भी निर्धारित सीट का हिस्सा माने जाएंगे। उनकी गणना पंजीकृत स्कॉलर के रूप में होगी। 

प्रो. सिंह ने बताया कि यूपी कॉलेज की सभी पांचों फैकल्टी में शोध की सुविधा है। अभी तक काशी विद्यापीठ शोध सुपरवाइजर नामित करता था। यह काम अब महाविद्यालय स्तर से होगा। हिंदी, प्राचीन इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, समाज शास्त्र, वाणिज्य, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, पशुपालन और कृषि विज्ञान के शिक्षक पीएचडी करा चुके हैं।



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