
आगरा के फतेहाबाद से अपहरण के बाद हत्या किए गए 8 वर्षीय अभय प्रताप का शव जैसे ही शनिवार रात उसके घर पहुंचा, इलाके में आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए परिजन व स्थानीय लोगों ने विजय नगर कॉलोनी के पास आगरा-फतेहाबाद मार्ग पर बच्चे का शव रखकर जाम लगा दिया। तकरीबन एक घंटे तक मार्ग पूरी तरह ठप रहा।

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माैके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अभय प्रताप का अपहरण घर के पास से खेलते समय हुआ था। मामले में पुलिस ने शनिवार को राजस्थान के मनियां थाना क्षेत्र से अभय का शव बरामद किया, जो जमीन में दबा हुआ मिला। शव घर पहुंचते ही परिजनों के साथ स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे और पुलिस के खिलाफ लापरवाही के आरोप लगाते हुए जाम लगा दिया।

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भड़क उठे परिजन।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकारी मिलते ही फतेहाबाद थाना पुलिस और एसीपी फतेहाबाद अमरदीप मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर एक घंटे बाद जाम को खुलवाया। परिजन का आरोप है कि 24 जून को पहली फिरौती की चिट्ठी आई थी, जिसमें लिखावट देखकर आरोपी की पहचान कर ली गई थी, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई और आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। इसके बाद आरोपी ने चार और चिट्ठियां भेजीं और 80 लाख रुपये की फिरौती मांगी। साथ ही धमकी दी कि विरोध करने पर गोली मार दी जाएगी। लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और आरोपियों के जल्द एनकाउंटर की मांग की।

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महिलाओं को समझाती पुलिस।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा के फतेहाबाद कस्बे की विजय नगर कॉलोनी से 80 दिन पहले लापता हुए अभय प्रताप (8) का शव शनिवार को राजस्थान के मनिया थाना क्षेत्र में मिला। शव को एक प्लास्टिक के बोरे में भरकर जमीन में दबा दिया गया था। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बालक का अपहरण फिरौती के इरादे से किया गया था।

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वाहनों की लग गई कतार।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद के विजय नगर कॉलोनी में रहने वाले विजय प्रकाश का पुत्र अभय प्रताप कक्षा एक का छात्र था। परिजन ने बताया कि 30 अप्रैल की शाम लगभग 4 बजे घर के पास से अभय लापता हो गया था। कहीं पता न चलने पर फतेहाबाद थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस की कई टीमें लगातार बच्चे की तलाश में जुटी थीं। जांच के दौरान कुछ दिन पूर्व अज्ञात लोगों की ओर से फिरौती से जुड़े दो पत्र परिजन को भेजे गए थे। इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदलते हुए संदिग्धों की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगालनी शुरू की।