Election Commission has given several instructions In view of problems faced by traders in elections

Election Commission
– फोटो : अमर उजाला

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आचार संहिता लागू होने के बाद कैश और कीमती सामान को लाने-ले जाने से जुड़ी सीमा व दस्तावेज रखने की पाबंदी ने व्यापार की कमर तोड़ दी है। सहालग का सीजन सिर पर है, लेकिन सराफा, कपड़ा, किराना बाजार में सन्नाटा छाया हुआ है। 

तीन महीने लंबे चुनावी माहौल में इन पाबंदियों से राहत देने के लिए व्यापारी संगठनों ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। ऐसे ही प्रमुख संगठनों में से एक-ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के पत्र में चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। 

आयोग ने बताया है कि अगर कैश या कीमती सामान चुनाव से जुड़ा नहीं है, तो उसे सीज नहीं करने का प्रावधान है। ये सीमा दस लाख रुपये या इससे ज्यादा पर भी लागू है। चुनाव में व्यापारियों की परेशानियों को देखते हुए आयोग ने कई निर्देश दिए हैं। 

कारोबार में कोई व्यवधान न आए, इसके लिए किसी भी एजेंसी की ओर से सीज किए गए कैश या बहुमूल्य धातु की जांच तीन सदस्यीय जिला ग्रीवांस कमेटी करेगी। इस कमेटी में सीईओ या सीडीओ, चुनाव खर्च की मॉनिटरिंग करने वाली टीम के संयोजक और जिला कोषाधिकारी शामिल होंगे। जिला शिकायत समिति जब्ती के प्रत्येक मामले की स्वत: जांच करेगी।

 



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