कासगंज में रविवार की देर शाम रफातपुर गांव से जाहरवीर बाबा की जात के लिए डबल डेकर ट्रैक्टर ट्रॉली से श्रद्धालु निकले। आस्था और भक्ति के साथ श्रद्धालुओं ने गांव से यात्रा शुरू की। भजन कीर्तन करते हुए श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर ट्रॉली गंतव्य की ओर बढ़ती जा रही थी। रात 12 बजे के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार ज्यादातर श्रद्धालु नींद के आगोश में आ गए। महिलाएं व बच्चे ज्यादातर ट्रॉली में ही बैठे थे जबकि ट्रॉली की दूसरी मंजिल पर युवा व अन्य ग्रामीण बैठे थे। खुर्जा के इलाके में अचानक कंटेनर ने पीछे से टक्कर मारी और ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार श्रद्धालु हादसे का शिकार हो गए। इस हादसे में 11 जानें चली गईं और 58 श्रद्धालु घायल हो गए। इस खौफनाक हादसे के घायलों से बातचीत पर अजय झंवर की रिपोर्ट-

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रविवार की रात ट्रैक्टर ट्रॉली हादसे में घायल हुए लोग जान बचने के बाद भी हादसे से उभर नहीं पा रहे उनके मन में हादसे का खौफ है और आंखों में हादसे की खौफनाक तस्वीरें बसी हुई हैं जो उन्हें बेचैन कर रही हैं। उन्हें नींद भी नहीं आ रही। बार बार मन में तरह तरह के सवाल घुमड़ रहे हैं। हादसे के सभी घायलों का ऐसा ही आलम है।

 




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Eleven killed in Collision between tractor trolley and container Bulandshahr road accident

हादसे में घायल महिला
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


हादसे में घायल हुईं धनदेवी मंगलवार को भी सहमी नजर आईं। उन्होंने बताया कि वह हादसे के वक्त नींद की झपकी में थीं। जब हादसा हुआ तो जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई। ट्रैक्टर ट्राॅली सड़क पर घिसट रही थी। चीख पुकार मचने लगी। उनके हाथ पैर भी नहीं उठ रहे थे हालत बेहोशी जैसी हो गई, लेकिन चीखपुकार की आवाज कानाें में गूंज रही थी। धनदेवी बतातीं हैं कि यह मंजर उन्हें साेने नहीं दे रहा। अजीब से बेचैनी बनी हुई है।

 


Eleven killed in Collision between tractor trolley and container Bulandshahr road accident

विलाप करती महिलाएं
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


एक अन्य घायल जशोदा ने बताया कि घटना के समय वह सो रहीं थीं। हादसे के दौरान तेज आवाज हुई और वह बेहोश हो गईं। जब उन्हें होश आया तो उनके देवर राजीव ने उन्हें निकाला और पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। जशोदा के चोटें आई हैं। हादसे का खौफ उन्हें परेशान कर रहा है। घायल हरी सिंह ने बताया कि वह सो रहे थे टक्कर होते ही आवाज सुनी, लेकिन फिर बेहोशी में चले गए। जब होश आया तो अस्पताल में भर्ती थे।


Eleven killed in Collision between tractor trolley and container Bulandshahr road accident

गांव में जुटी लोगों की भीड़
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


हादसे में घायल हुईं शकुंतला देवी अपने पति के साथ जात करने गईं थीं, लेकिन हादसे में उनके हाथ, पैर व शरीर में काफी चोटें आ गईं। शकुंतला देवी अभी भी हादसे को याद कर भावुक हो रहीं थीं और बोलने में भी दिक्कत हाे रही थी। यही हाल ऊषा देवी ने बताया। ऊषा की छाती व पैर में गंभीर चोटें हैं और वह अभी भी हादसे से नहीं उबर पाई है। बार बार हादसे का मंजर उनकी आंखों में तैर रहा है।


Eleven killed in Collision between tractor trolley and container Bulandshahr road accident

गांव में बैठी महिलाएं
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


वहीं हादसे के चश्मदीद राजीव ने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि हमेशा वह परेशान करेगा। वह बताते हैं कि परिवार के नौ लोग गए थे। जिनमें भाई योगेश की मौत हो गई जबकि परिवार के अन्य लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद ट्रॉली घिसटती चली गई। चीखपुकार के अलावा कुछ सुनाई नहीं दे रहा था।  इसके बाद सभी को अस्पतालों में पुलिस व अन्य लोगों की मदद से भेजा गया। ऐसी आपदा गांव के लोगों ने कभी नहीं देखी। हमेशा इस दुर्घटना का दंश पीड़ित परिवारों व गांव वालों को परेशान करेगा।




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