आगरा कैंट के पास रेल कोच रेस्तरां में आप 14 फरवरी से महाराजा ट्रेन जैसे लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठा पाएंगे। रेलवे ने इस रेल रेस्तरां का ई-टेंडर 12.82 लाख रुपये प्रति वर्ष की दर से पांच वर्ष के लिए किया है।
टेंडर लेने वाले ठेकेदार रंजीत झा ने बताया कि इसको अब नए लुक में तैयार कर अंतिम रूप दिया जा रहा है। 14 फरवरी से इसकी शुरूआत होगी। यूपी के पहले रेल कोच रेस्तरां को रेलवे की आमदनी बढ़ाने और यात्रियों के साथ शहरवासियों को नया अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया था।
आगरा कैंट स्टेशन रोड पर ईदगाह बस स्टैंड जाने वाले चौराहे के पास रेलवे की खाली जमीन पर करीब दो हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में रेल कोच रेस्तरां और हेरिटेज पार्क तैयार किया गया है। इसके लिए रेल पटरी बिछाकर एक ट्रेन कोच खड़ा किया गया, जिसे महाराजा ट्रेन की तर्ज पर हेरिटेज लुक दिया गया।
इसमें कुल 84 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इनमें 42 सीटें कोच के अंदर और 42 सीटें ओपन पार्क में तैयार की जा रहीं हैं। इसमें किटी पार्टियां भी हो सकेंगी। रेस्तरां में उत्तर और दक्षिण भारतीय समेत अन्य व्यंजनों के साथ विभिन्न पेय पदार्थों की सुविधा बहुत ही सामान्य मूल्य पर उपलब्ध होंगी। इस बारे में रेलवे की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि इसका टेंडर हो चुका है। नई टेंडर प्रक्रिया में पूर्व की कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।
छह माह में हो गया था बंद
पूर्व में वर्ष 2024 में इस रेल कोच रेस्तरां का संचालन 17 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक दर पर किया गया था, लेकिन आगरा कैंट स्टेशन से लगभग 500 मीटर की दूरी, भोजन के ऊंचे दाम, बिजली और पानी की समस्या और संचालन से जुड़ी क्लीयरेंस में देरी के कारण यह महज छह माह में ही बंद हो गया था।
