डेटिंग एप से मैसेज करके औरैया के युवक को नौ नवंबर को साइबर ठगों ने बुला लिया था। कार में बैठाकर ठगों ने युवक को नकली पिस्तौल दिखाकर धमकाते हुए उसके खाते से 45 हजार रुपये डलवा लिए थे और पीड़ित को जसवंतनगर क्षेत्र में नेशनल हाईवे की सर्विस रोड के किनारे फेंककर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार हो गया। उसकी भी तलाश की जा रही है।

एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी ने बताया कि औरैया के एक युवक ने नौ नवंबर को पुलिस को सूचना दी थी कि उसके साथ कार में बैठाकर ठगी कर ली गई थी। युवक ने बताया था कि वह कुछ दिन पहले एक गे डेटिंग एप जुड़ा था। इसके जरिए उसकी कुछ युवकों से बातचीत होने लगी थी। नौ नवंबर को एक युवक ने भरथना चौराहे पर चाय पीने के बहाने बुला लिया। यहां आने पर एक कार से आए चार युवकों ने उसे कार में ही बुला लिया। उसके कार में बैठते ही आरोपियों ने उसे पिस्तौल दिखाकर धमकाना शुरू कर दिया।

पीटकर मोबाइल फोन छीनकर उससे पासवर्ड पूछकर मोबाइल खोल लिया। दो बार में 25 हजार और 20 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद नगला कन्हई के पास सर्विस रोड पर छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस लाइन सभागार में घटना का खुलासा करते हुए एसपी सिटी ने बताया कि बुधवार रात जसंवतनगर पुलिस केवला रोड तिराहे के पास से चेकिंग कर रही थी। इस दौरान तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम आलोक परिहार उर्फ राहुल निवासी ग्राम बनकटी बुजुर्ग थाना जसवन्तनगर इटावा हाल पता शांति कॉलोनी मैनपुरी फाटक के पास थाना फ्रेंड्स कॉलोनी, विपुल द्विवेदी निवासी नेविल रोड और कृष्णेश मिश्रा निवासी एसडी फील्ड बताया है। एक आरोपी बूटे उर्फ प्रदीप निवासी लाखापुर फ्रेंड्स कॉलोनी मौके का फायदा उठाकर भाग गया। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों के खाते में जमा 45 हजार रुपये फ्रीज करा दिए।

ऑनलाइन गेमिंग एप के खाते में डलवाते थे रुपये

एसपी सिटी ने बताया कि मोबाइल की जांच में कई चैट रिकॉर्ड मिले हैं। इससे अंदेशा है कि यह गिरोह पहले भी कई युवकों को ठगी कर चुका है। कई आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं। उन्होंने बताया कि गिरोह ठगी की रकम सीधे अपने बैंक खातों में नहीं लेता था, बल्कि पहले ऑनलाइन गेमिंग ए अल्ट्राविन में पीड़ित के खाते रुपये पड़वाते थे। वहां से रकम अलग-अलग फर्जी खातों में भेज देते थे। एसपी सिटी ने बताया कि इस तरह के फ्रॉड डिजिटल मनी लॉन्ड्रिंग की श्रेणी में आते हैं।

मुख्य आरोपी के खिलाफ कई रिपोर्ट दर्ज

एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी आलोक परिहार के खिलाफ लूट, धोखाधड़ी और मारपीट की धाराओं में कुल चार रिपोर्ट दर्ज हैं। उसके साथी विपुल दुबे के खिलाफ लूट में रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्य सुनियोजित तरीके से ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। एसपी सिटी ने बताया कि मुख्य आरोपी सिर्फ 12 वीं तक ही पढ़ा है।



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