जीएसटी चोरी के लिए एक व्यापारी ने फर्जी फर्म खोलकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के माध्यम से सरकार को दो करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी व्यापारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस को अंदेशा है कि इसमें बड़ा गैंग सक्रिय हो सकता है।
थाना प्रभारी जसवंतनगर कमल भाटी ने बताया कि मंडी क्षेत्र में व्यापार करने वाले व्यापारी मोहम्मद जीशान ने अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से अपने साथियों के सहयोग से फर्जी फर्म का पंजीकरण कराया था। आरोपी ने अपने पल्लेदार सुदीप कुमार निवासी ग्राम निलोई के आधार कार्ड, पैन कार्ड व फोटो का दुरुपयोग कर उसके नाम से भारत बिल्डिंग मटेरियल छिमारा रोड, जसवंतनगर के पते पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा दिया था।
फर्म का पता छिमारा रोड स्थित आलोक यादव की दुकान को किराये पर लेकर दर्शाया गया। कानपुर में लेम इंटरप्राइजेज नाम से एक और फर्जी फर्म बनाकर सीमेंट का व्यापार कागजों में दिखाया गया। दस्तावेजों में कानपुर की फर्म से जसवंतनगर की फर्म को सीमेंट की बिक्री दर्शाई जाती रही जबकि वास्तव में कोई लेनदेन या व्यापार नहीं हुआ। इसी आधार पर जीएसटी आर-1 रिटर्न दाखिल कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया गया। जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े से प्राप्त 2.01 करोड़ रुपये की रकम भारत बिल्डिंग मटेरियल के नाम से नगर सहकारी बैंक के खाते में ट्रांसफर कर निकाल ली गई थी। मामले की जानकारी होने पर जीएसटी विभाग के अधिकारी जितेंद्र कुमार की ओर से 13 जून 2025 को थाना जसवंतनगर में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
पुलिस जांच में सुदीप कुमार को केवल मोहरा मानते हुए मुख्य आरोपी जसवंतनगर नवीन मंडी निवासी व्यापारी मोहम्मद जीशान को गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
