इकदिल नेशनल हाईवे-19 के किनारे ग्राम पंचायत कुशगवा बादशाहपुर स्थित प्राचीन संत रविदास आश्रम की भूमि को लेकर प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश पर निर्णायक कदम उठाया है। शनिवार को तहसीलदार दिलीप कुमार भरथना के नेतृत्व में राजस्व, पीडब्ल्यूडी और नेशनल हाईवे अथॉरिटी की संयुक्त टीम ने विवादित क्षेत्र की पैमाइश की। इस दौरान लगभग 560 वर्ग मीटर एनएचएआई और करीब 500 वर्ग मीटर पीडब्ल्यूडी की भूमि को चिह्नित कर सरकारी कब्जा घोषित किया गया।
सरकारी बोर्ड लगाकर भूमि सुरक्षित की गई हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विवादित भूमि पर सरकारी बोर्ड लगा दिया। आश्रम के चारों ओर खंभे गाड़कर तार से फेंसिंग कराते हुए जगह को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया। पैमाइश के दौरान ग्रामीणों ने आश्रम की प्राचीनता और वहां स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि आश्रम में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, भगवान बुद्ध एवं संत शिरोमणि रविदास महाराज की प्रतिमाएं स्थापित हैं।
जनभावनाओं का सम्मान, बाबा साहब के लिए नई भूमि प्रशासन ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक रुख अपनाया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि महापुरुषों के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा। बाबा साहब की प्रतिमा की स्थापना के लिए ग्राम पंचायत में ही अन्य उपयुक्त भूमि सुरक्षित कर दी गई है। क्षेत्र में किसी भी प्रकार के तनाव को रोकने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।