इटावा। आंखें एक बहुत ही संवेदनशील अंग है। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा आंख में न डालें। आंखों या सिर में भारीपन, धुंधला दिखाई पड़ने, आंखें लाल व खुजली होने व लगातार सिर दर्द की शिकायत होने, आंखों में थकावट महसूस होने पर इस समस्या को हल्के में न लें। बल्कि तत्काल नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लें और लापरवाही न करें।
यह बात वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ.गौरव द्विवेदी ने गुरुवार को विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल पर आयोजित कार्यक्रम में कही। बताया कि विश्व दृष्टि दिवस अक्तूबर के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। जिला अस्पताल में ओपीडी में आए मरीजों को आंखों से संबंधित मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, मधुमेह, रेटिनोपैथी, ट्रेकोमा जैसी अन्य नेत्र बीमारियों व लैपटॉप,फोन कंप्यूटर के अत्यधिक प्रयोग से आंखों की होने वाली क्षति से बचाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
डॉ. गौरव द्विवेदी ने बताया कि विश्व दृष्टि दिवस 2023 की थीम कार्यस्थल पर अपनी आंखों को प्यार करें हैं। उन्होंने ओपीडी में आए मरीजों को धुंधली दृष्टि, अंधापन और दृष्टि से संबंधित समस्याओं जागरूक किया।
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन ए से भरपूर सब्जियों और फल, मेवा का प्रयोग करें व संतुलित आहार लें। धूम्रपान और अनियमित जीवन शैली (देर रात सोना और खाना खाना) अपने से बचें। कहा कि आंखों का स्वस्थ होना जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आंखों का होना जीवन की गुणवत्ता, रोजगार शिक्षा और कई अन्य विकास लक्ष्य को प्रभावित करता है।
बताया कि इस दिवस को मनाने का प्रमुख उद्देश्य है लोगों को आंखों से संबंधित समस्याओं से बचने के लिए सही जानकारी देकर दृष्टि की सुरक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जाए। जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में विश्व दृष्टि दिवस कार्यक्रम में नेत्र परीक्षण अधिकारी नीरज, नेत्र रोग विभाग के अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
