इटावा। जंक्शन स्टेशन से महज नौ घंटे के अंदर और आठ किलोमीटर की दूरी पर बुधवार को नई दिल्ली से बिहार जाने वाली दो ट्रेनों के कोचों में हुई आगजनी की घटना के बाद आरपीएफ विशेष सतर्कता बरत रही है। आरपीएफ के सुरक्षा कर्मी जंक्शन पर रुकने वाली आती- जाती सभी ट्रेनों की चेकिंग कर रहे है। साथ ही वह प्लेटफार्म पर हर उस यात्री पर पैनी निगाह बनाए हुए हैं, जो बीड़ी अथवा सिगरेट पीते दिख रहे हैं ऐसे यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
अमर उजाला ने 19 नवंबर के अंक में ट्रेन में कुछ भी ले जाओ…चेक करने के इंतजाम नहीं हेडिंग से खबर प्रकाशित की थी। इसे संज्ञान में लेकर आरपीएफ व सिविल की टीमों ने आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस, लखनऊ-नई दिल्ली गोमती एक्सप्रेस, कालका-हावड़ा नेताजी एक्सप्रेस, नई दिल्ली से गुवाहाटी जाने वाली नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस के रुकने पर अंदर तक चेकिंग की। साथ ही मेटल डिटेक्टर से यात्रियों के सामान को भी चेक किया। इस वजह से इन ट्रेनों को निर्धारित समय से अतिरिक्त समय पर रुकना पड़ा। इसके अलावा प्लेटफार्म पर बैठे यात्रियों का सामान भी चेक किया।
इन ट्रेनों के अलावा दिल्ली की ओर जाने वाली सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस, हावड़ा-कालका नेताजी एक्सप्रेस व नीलांचल एक्सप्रेस में भी चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान यात्रियों को सलाह दी गई कि वह ट्रेनों में कोई भी ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चलें। ऐसा करना दंडनीय अपराध है। यदि कोई भी यात्री ज्वलनशील पदार्थ लेकर सफर करता दिखाई पड़ा तो तत्काल उसकी सूचना 139 नंबर पर दें। ट्रेनों व प्लेटफार्म पर आरपीएफ के अलावा सिविल की एंटी सेवोटाइज टीम भी शामिल रही।
चेकिंग अभियान के दौरान आरपीएफ के थाना प्रभारी गजेंद्र पाल सिंह, एएसआई विजय कुमार, सत्यवीर सिंह, धर्मेंद्र, मनीष अवस्थी, सचिन तिवारी आदि आरपीएफ कर्मी शामिल रहे।
