इटावा। मौसमी बीमारियों की वजह से जिला अस्पताल मेंं आने वाले मरीजों की संख्या में कमी देखने को नहीं मिल रही है। सोमवार को ओपीडी फुल रही और 1700 पर्चा बने। मरीजों की भीड़ पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टरों के कक्षों व पैथोलॉजी के बाहर लगी रही। जबकि डेंगू की एलाइजा जांच में सात मरीज निकले।
सोमवार को पैथोलॉजी लैब में 57 मरीजों ने किट से डेंगू की जांच कराई, इनमें डेंगू के आठ संदिग्ध मरीज निकले। इन मरीजों में विजयपुरा के श्रेयांस, चितभवन की सुरभि, राहतपुरा की ब्रजवाला, कुनैरा के अजीम अली, जिला अस्पताल कैंपस के सलमान, नगला हुलासी के हरीशंकर, पिलखर की माला देवी व वैवाह औरैया के शिवम शामिल हैं।
जिला अस्पताल के संक्रामक वार्ड में सोमवार को एक संदिग्ध डेंगू मरीज भर्ती कराया गया। अब कुल मिलाकर डेंगू के 12 संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। जबकि बुखार के 14 मरीज भर्ती हैं। इनमें 10 बच्चे व चार महिलाएं शामिल हैं। जिला अस्पताल में डेंगू की एलाइजा जांच में शनिवार को आठ संदिग्ध मरीजों के सैंपल लगे, जांच होने पर सात डेंगू मरीज मिले। अब तक एलाइजा जांच में डेंगू के 53 मरीज निकल चुके हैं।
मलेरिया विभाग के अनुसार, सैफई मेडिकल कॉलेज में एलाइजा जांच में डेंगू के 23 मरीज निकले। जबकि मलेरिया के 27 पॉजिटिव मरीज निकले। इनमें अगस्त में 14 व सितंबर में अब तक 13 मलेरिया के मरीज निकल चुके हैं।
सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 1700 की रही, इनमें करीब 600 बुखार के मरीज शामिल हैं। शेष पेट दर्द, सिर दर्द, डायरिया आदि रोगों के मरीज रहे। डॉ.शांतनु व प्रशांत ने 287, डॉ.सोनाली व अनामिका ने 280, वरिष्ठ बाल रोग चिकित्सक डॉ.पीके गुप्ता ने 104, डॉ.शादाब आलम ने 64, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.आनंद उपाध्याय ने 110, सर्जन डॉ.पीयूष तिवारी ने 267 मरीज देखे। जबकि 208 त्वचा रोग व 170 नाक, कान व गला संबंधी रोगों के मरीज आए।
परिसर में भरा पानी, आवागमन में हुई परेशानी
सोमवार को सुबह हुई जोरदार बारिश की वजह से जिला अस्पताल परिसर में खासा जलभराव हो गया। ऐसी स्थिति में लोगों को पर्चा बनवाने से लेकर रैन बसेरा, जन औषधि केंद्र, महिला अस्पताल, प्रसव केंद्र, आयुष विभाग, 100 बेड महिला अस्पताल की ओर जाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में लोगों को वाहनों से अथवा कुछ लोगों को पानी में घुसकर आना जाना पड़ा।
