भरथना। 16 दिसंबर से खरमास लगने की वजह से करीब एक महीने तक शादी-विवाह अथवा शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा। ऐसे में लोगों को 15 जनवरी तक इंतजार करना पड़ेगा। खरमास में मुंडन, जनेऊ आदि शुभ कार्य नही होते हैं। 23 नवंबर देव उत्थान एकादशी से शुभ कार्यों व मांगलिक कार्यों की शुरूआत हुई थी।
आचार्य पं.मुकेश दीक्षित ने बताया कि 16 दिसंबर की शाम करीब 3:58 बजे से सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि के प्रवेश करेगा। इस दिन से खरमास लग जाएगा। धनु राशि में सूर्य 30 दिन तक रहेगा। बताया कि 15 जनवरी मकर संक्रांति को सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन शुभ कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे।
बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्य देव जब गुरु की राशि धनु व मीन में प्रवेश करते हैं, तो वह अपने गुरु की सेवा में लग जाते हैं। उनका प्रभाव कम हो जाता है। इस समय कोई शुभ कार्य नहीं होता है। खरमास के कारण गुरु का बल भी कम हो जाता है। जबकि शुभ कार्य के दौरान गुरु व सूर्य दोनों का ही शुभ स्थिति में होना जरूरी होता है। इस वजह से खरमास में कोई शुभ कार्य नहीं होता है।
खरमास में यह करें व यह न करें
विवाह,सगाई व शादी आदि मांगलिक कार्य, नए घर में प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत न करें।
इस माह में नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है। रोजाना सुबह सूर्य को जल अर्पण कर पूजा करें। गाय, गुरु, ब्राह्मण व सन्यासियों की सेवा करें।
विवाह के शुभ मुहूर्त
जनवरी माह में 18, 20, 21, 22, 27, 28, 30 और 31 है। फरवरी माह में 01, 03, 04, 05, 06, 07, 08, 12, 13, 18, 19, 24, 25, 26 तथा 27 मार्च माह में 02, 04, 06 ,07 और 11 अप्रैल 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26 तारीख है।
