इटावा। 15 साल पहले बने गुरु तेग बहादुर पुल के जोड़ अब शहरवासियों की कमर तोड़ने का काम कर रहे हैं। लगभग पांच गाडरों में आए बड़े गैप राहगीरों को दर्द देने का काम कर रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या बच्चों और बुजुर्गों को हो रही हैं।
शहर को भरथना चौराहे से सीधे जोड़ने के लिए 2007-2008 में गुरु तेग बहादुर पुल पर शुभारंभ कराया गया था। करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल में करीब 70 करोड़ रुपये सेतु निगम और 20 करोड़ रुपये की लागत रेलवे की थी। यह पुल बनने के बाद से भरथना चौराहे तक जाने और लाइन पार से शहर आने वाले लोगों को घंटों जाम में फंसने वाली समस्या से निजात मिल गई थी। समय बीतने के साथ पुल की गिट्टी कई जगह उखड़ गई। वहीं पुल पर बने 17 गार्डरों में से पांच पर बड़े गेप आ गए हैं। ऐसे में यहां से निकलने वाले लोगों को दर्द झेलना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी बाइक, स्कूटी सवार बुजुर्गों को होती है। वहीं बच्चों को साथ लेकर जा रहे लोगों को बच्चों के उछलकर गिरने का भी डर बना रहता है। 31 अक्तूबर तक चले गड्ढ़ा मुक्त अभियान के तहत भी इस पुल की हालत नहीं सुधारी गई है। ऐसे शहर के लोगों में नाराजगी है। हालांकि पीडब्ल्यूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिकारियों का दावा है कि दीपावली तक पुल की मरम्मत करा दी जाएगी।
रामनगर फाटक बंद होने से बढ़ी आवाजाही
रामनगर फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण जून में शुरू कर दिया गया था। निर्माण शुरू होने के बाद रामनगर क्रासिंग को बंद कर दिया था। तब से भरथना चौराहे क्षेत्र के साथ ही विजयनगर पचावली रोड के लोगों का भी इसी पुल से आवागमन रहता है।
लोगों की बात
विजय नगर निवासी 70 वर्षीय अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रामनगर फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में क्रासिंग बंद है। इसलिए शहर जाने पर गुुरु तेग बहादुर पुल होकर जाना पड़ता है। गार्डर के गेप बुढ़ापे में पूरी कमर तोड़ दे रहे हैं। डॉक्टरों ने खराब सड़कों पर न चलने की सलाह दी है। कृष्णापुरम के ज्ञानेंद्र चौधरी ने बताया कि उनका शादी समारोह में एलईडी लगाने का व्यवसाय है। ऐसे में दिनभर भागदौड़ रहती है। कई-कई बार शहर जाना पड़ता है। गुरु तेग बहादुर पुल पर गार्डरों में गेप बढ़ने और सड़क उखड़ने की वजह से कभी-कभी पेट दर्द करने लगता है।
वर्जन
लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के एक्सईएन मुकेश ठाकुर ने बताया कि यह पुल उनके विभाग को बनाने के बाद हैंडओवर कराया गया था। उसकी मरम्मत कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दीवाली से पहले गुरु तेग बहादुर पुल की मरम्मत करा दी जाएगी।