इटावा। दस दिन पहले नेशनल हाईवे किनारे मानिकपुर मोड़ पर सर्विस रोड के किनारे कुलदीप (35) पुत्र गंगा प्रसाद शर्मा निवासी पिलखर इकदिल ने चाय की दुकान खोली थी। शनिवार रात दुकान में चाय बनाने के दौरान ट्राला से कुचलकर उसकी मौत हो गई।

कुलदीप के छोटे भाई विनय ने बताया कि उसके वह सिर्फ दो भाई थे। मां का बचपन में ही देहांत हो गया था। पिता की भी छह साल पहले बीमारी से मौत हो गई। बड़े भाई बढ़ई का काम करके घर का गुजारा करते थे। उनकी पत्नी सुनीता और तीन बेटियों में जाह्नवी, मानवी व सबसे छोटी चार माह बेटी के पालन-पोषण के लिए 10 दिन पहले ही चाय की दुकान खोली थी। हादसे के बाद बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया।

बहनों की शादी के लिए दिल्ली में नौकरी कर रहा था सूरज

इकदिल थाना क्षेत्र के अड्डा अजुद्दी बराखेड़ा निवासी सूर्य कुमार ने बताया कि वह पक्का बाग स्थित दुर्गा कॉलोनी एक किराये के मकान में रहकर लोगों की उतरी हुई हड्डी बैठाने का काम करते हैं। उनके दो बेटियां और तीन बेटे हैं, जिसमें सूरज दोनों बहनों खुशबू और ज्योति से छोटा और चंदन और विशाल से बड़ा था। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। सूरज बीएससी करने के बाद बहनों की शादी के लिए दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। 15 दिन पहले ही सूरज दिल्ली से घर लौटा था। शनिवार को आगरा जिले के जैतपुरा से आए छोटे भाई के दामाद संजय और भांजे सौरभ निवासी नगला केसरी थाना खंगर फिरोजाबाद के साथ गांव में बीमार दाऊ सोने लाल को देखने के बाइक से अपने गांव अड्डा अजुद्दी गया था। वहां से लौटने के दौरान हादसा हो गया। सूरज की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

हलवाई का करता था काम था संजय

पोस्टमार्टम हाउस पर लखनपुरा जैतपुरा आगरा निवासी मृतक संजय उर्फ सनत राजपूत के बड़े भाई जितेंद्र ने बताया कि वह तीन भाई थे। जिसमें संजय मझला था। जबकि उससे छोटा विकास उर्फ सिंटू हैं। उन्होंने बताया कि संजय की ससुराल नगला अजुद्दी में थी, जहां वह अपने बीमार चचिया ससुर सोनेलाल को देखने गया था। उन्होंने बताया कि संजय के चार बच्चे हैं जिसमें सबसे बड़ी बेटी सोनाक्षी, बेटा राज, आनंद और सबसे छोटी बेटी जानू है। परिवार का भरण पोषण के लिए हलवाई का काम करता था।

बस का इंतजार कर रहा था तालिब

मानिकपुर मोड़ पर बस के इंतजार में खड़े तालिब (25) पुत्र साजिद निवासी मोहल्ला ठेर इकदिल ट्राला के चपेट में आकर घायल हो गया। सैफई मेडिकल कॉलेज जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। तालिब के पिता ने बताया कि वह कानपुर से जयपुर चलने वाली प्राइवेट बस का चालक था। शनिवार रात वह बस का इंतजार कर रहा था। उसकी शादी करीब दो साल पहले हुई थी। उसकी मौत से पत्नी तबस्सुम, मां फरजान समेत तीन भाई बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

चाय की दुकान के बाहर अलाव ताप रहा था राहुल

मानिकपुर मोड़ निवासी हिमांशु ने बताया कि शनिवार रात घर के सभी सदस्य शादी समारोह में शामिल होने गए थे। छोटा भाई राहुल (15) पुत्र सुनील घर पर ही था। वह चाय की दुकान के बाहर बैठकर हाथ ताप रहा था। उसी दौरान वह ट्राला की चपेट में आकर घायल हो गया। उसे ऑटो से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

धमाके की आवाज के बाद हुआ अंधेरा

हादसे में घायल सौरभ ने बताया कि वह अपने मामा सूरज की बाइक से बुआ के बेटे संजय के साथ नगला अजुद्दी से वापस लौटकर मानिकपुर मोड़ पर पहुंचा था। वहां चाय पीने के लिए रुके हुए थे। तभी वहां अचानक धमाका हुआ और अंधेरा हो गया। आंख खुलने के बाद उसने अपने आप को ट्राला के नीचे उसका पूरा शरीर फंसा हुआ था। सिर्फ सिर बाहर था। फिर पुलिस ने एक हाइड्रा मशीन मंगवाई, लेकिन उससे ट्रॉला उठ ही नहीं पा रहा था। डीएम-एसपी भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद तीन जेसीबी और दो हाइड्रा मशीन की मदद से उसे बाहर निकाला गया।

घायलों को उचित मुआवजा देने की सरकार से मांग की

मृतक के परिवारों को सांत्वना देने पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे सपा नेताओं ने मृतकों के परिजनों को एक करोड़ और घायलों को उचित मुआवजा देने की सरकार से मांग की है। वहीं, विधायक सरिता भदौरिया ने कहा कि मृतकों को मुआवजे के लिए जिला प्रशासन से बात करके हर हाल में मदद करवाने का प्रयास किया जाएगा।

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