इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम पारूल श्रीवास्तव ने घर में घुसकर मारपीट करने व जेवर लूट लिए जाने के पांच साल पुराने मामले में पांच आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। उन पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें लूट के आरोप से बरी कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि बलरई थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर निवासी ठाकुर दास घर से दिल्ली काम करने के लिए गया था। वह पांच माह बाद घर लौटकर आया। 11 अक्तूबर 2018 को वह घर पर था। तभी पड़ोसी हजारी लाल, उसकी पत्नी राजश्री, पुत्री रेनू के अलावा आनंद व ओकार पुत्रगण जगराम उसके घर में असलहा लेकर घुस आए।
आरोप था कि उन्होंने शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। इंकार किया तो उक्त लोगों ने मारपीट की तथा कनपटी पर तमंचा लगा दिया। जब उसकी पत्नी बचाने के लिए आई तो उक्त लोगों ने उसके साथ मारपीट की और कानों से कुंडल व व मंगलसूत्र लूट ले गए। उसके शोर मचाने पर गांव के लोग आ गए तो आरोपी भाग निकले।
कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस ने छानबीन शुरू की थी। फिर हजारी लाल, राजश्री, रेनू, आनंद व ओंकार के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पांचों को घर में घुसकर मारपीट का दोषी पाया और उन्हें तीन साल की सजा सुनाई।
