फोटो 25: हाइवे पर बस से उतरते यात्री। संवाद
फोटो 26: गीता। संवाद
फोटो 27: रचना। संवाद
फोटो 28: शीला तिवारी। संवाद
फोटो 29: शिखा
क्रासर रोडवेज बसों के बकेवर हाइवे पर यात्रियों के उतारने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बकेवर। भाई दूज के मौके पर बुधवार को रोडवेज बसों के चालकों व परिचालकों की मनमानी से महिला यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ा। चालक बकेवर में ओवरब्रिज के नीचे बसें न लाकर हाईवे पर ही उतार रहे थे। कहने पर झगड़े पर उतारू हो रहे थे। ऐसे में बच्चों और सामान लेकर चलने में महिलाओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बस चालक अधिकारियों के आदेशों के धज्जियां उड़ाते रहे। कानपुर-आगरा सिक्सलेन हाईवे पर कानपुर- लखनऊ की ओर जाने वाली बसें तथा कानपुर- लखनऊ से आगरा- दिल्ली की ओर जाने वाली बसों के चालकों ने सवारियों को बकेवर ओवरब्रिज में हाईवे पर ही उतारकर चलते बने।
यात्रियों का कहना है इनमें इटावा, औरैया, शिकोहाबाद डिपों की बसें भी शामिल थीं। ऑटो न मिलने पर यात्रियों को पैदल आना पड़ा। औरैया से लखना भाई को तिलक करने आई गीता काफी परेशान थीं। उनकी गोद में बच्चा था, जबकि दूसरे हाथ में बैग था।
बताया कि कहने के बावजूद चालक बस को ओवरब्रिज से नीचे लेकर नहीं आया। औरैया से ही बिजौली जा रही महिला रचना ने बताया कि उसे दो बच्चों के साथ चालक ने नीचे उतार दिया। सामान होने की वजह से चलने के दौराना काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
औरैया से आई वृद्धा शीला तिवारी को भरथना जाना था, लेकिन बस चालक ने वृद्धा की कोई बात नहीं सुनी और उन्हें भी हाइवे पर ही उतार दिया। ऐसे में उन्हें करीब 200 मीटर तक ओवरब्रिज के नीचे आकर भरथना जाने के लिए ऑटो तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
औरैया से आईं शिखा ने बताया कि गोद में बच्चा होने के बाद भी चालक और परिचालक बस को नीचे लेकर नहीं आए। अकेले होने पर बहुत दिक्कतें उठानी पड़ीं।
वर्जन
बस चालकों को लेकर ज्यादातर शिकायतें जसवंतनगर क्षेत्र से मिलतीं आ रहीं हैं। बकेवर से अभी इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। जहां तक बस चालकों व परिचालकों के यात्रियों को बकेवर हाइवे पर उतारने की बात है, इस बारे में पता कराते हैं। कहा कि निगम का प्रयास रहता है यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हों।
पीआर पांडे, क्षेत्रीय प्रबंधक
