इटावा महोत्सव
फोटो 25: रोबोट मॉडल की खूबियां बतातीं छात्रा अंशिका वर्मा। संवाद
फोटो 26: हाथ धोने की देशी जुगाड़ के मॉडल के साथ छात्र नोमान। संवाद
फोटो 27: यंत्र के जरिए पराली से रस्सी बनाते छात्र आशीष और चंदन। संवाद
फोटो 28: घर के चार कमरे में एक बल्व से रोशनी देने के बारे में बताती छात्रा नेहा व आकांक्षा। संवाद
इटावा महोत्सव के पंडाल में हुआ दो दिवसीय विज्ञान मेले का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। अर्चना मेमोरियल इंटर कॉलेज की कक्षा 11 की छात्रा अंशिका वर्मा ने रोबोट का एक ऐसा मॉडल बनाया है जो काम करने के अलावा बात भी कर सकता है। छात्रा ने बताया कि खासकर यह रोबोट रोबोट बुजुर्गों के लिए काफी मददगार होगा। बटन दबाने पर यह चल कर आता है, हाथ हिलाता है और चारो ओर घूम कर देख सकता है। सेंसर से लैस रोबोट बुजुर्गों के पास सामान लाता है और अकेलेपन को दूर करने के लिए उनसे बात भी करता है।
हिंदू विद्यालय इंटर कॉलेज के कक्षा सात के छात्र नोमान ने हाथ धोने की देशी जुगाड़ का मॉडल प्रस्तुत किया है। मॉडल दो भागों में बंटा है नीचे के हिस्से में हैंड बॉस है ऊपर साफ पानी है। छात्र ने बताया कि शौच क्रिया के बाद नल न छूना पड़े, इसलिए यह मॉडल बनाया है। इसमें दोनों हिस्सों में लोहे के डंडे में रस्सी बंधी है। हैंडबॉस के लिए एक ओर साफ पानी के लिए दूसरी ओर डंडे को पैर से झ़ुकाना होगा।
इसी विद्यालय के कक्षा 11 के छात्र आशीष और चंदन ने किसानों की परेशानियों को देखते हुए एक रस्सी यंत्र बनाया है। जिससे धान व गेहूं की फसल का गट्ठर बांधने के लिए पराली से बनाई जाने वाली रस्सी में ज्यादा मेहनत और समय न लगे साथ ही हाथ में छाले न पड़ें और दर्द भी न हो। बताया कि इस मॉडल के जरिए किसान दो घंटे में बनने वाली रस्सी 40 मिनट में बना सकते हैं। कक्षा नौ आकांक्षा व दसवीं की नेहा ने एक बल्व के जरिए शीशा के जरिए कई कमरों में रोशनी करने का मॉडल बनाया है। जिससे बिजली का बिल कम आने से आर्थिक बचत भी होगी।
