इटावा। वायरल बुखार और डेंगू की वजह से इन बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में 46 मरीजों की किट से हुई जांच में डेंगू के लक्षण वाले छह मरीज मिले। जबकि ओपीडी में 1750 मरीज आए। इनमें मेडिसन संबंधी 950 मरीज शामिल रहे। इनके अलावा हड्डी संबंधी 202,सर्जरी के 197, नेत्र संबंधी 110, नाक, कान, गला के 92, दंत संबंधी 54 मरीज समेत अन्य रोगों के मरीज शामिल रहे।

सोमवार को संदिग्ध मिले मरीजों में नगला मिया की पिंकी, शांति कॉलोनी की पूजा व प्रतीक, नगला मौजा के सुशांत, सराय भूपत की वैष्णवी, मोहब्बतपुर के विश्वनाथ शामिल रहे। जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में दो नए मरीज होने के साथ ही भर्ती संदिग्ध डेंगू मरीजों की संख्या 14 हो गई है। इनमें जसवंतनगर के सतेंद्र कुमार, सराय दयानंद की राधिका, बसरेहर के मुकेश, बरालोकपुर की गुलफंसा, पक्का तालाब की शीला आदि शामिल हैं। जबकि महिला एवं शिशु वार्ड में बुखार से ग्रसित 22 बच्चे व 13 महिलाएं भर्ती रहीं।

फिजिशियन डॉ.अजय शर्मा ने बताया कि डेंगू से दिन में बचाव करने की बहुत जरूरत है। इसके मच्छर दिन में पनपते हैं। एसी, कूलर चलाने से बचें। कूलर का पानी बदलते रहें। अथवा पानी में मिट्टी के तेल डाल दें जिससे लार्वा न पैदा हो सकें। गमला में पानी न भरे रहने दें। कपड़े भी पूरे बांह के पहने। भर्ती संदिग्ध डेंगू मरीजों का इलाज करने वाले मरीजों से दिन में भी मच्छरदानी लगाने की सलाह दी है।

वरिष्ठ बाल रोग चिकित्सक डॉ.पीके गुप्ता बुखार के भर्ती बच्चों का इलाज कर रहे हैं। बताया कि बच्चों को पंखे की हवा से बचा कर रखें बाहर का कुछ खाने को न दें। शिकायत होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।



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