इटावा। दिसंबर का आधा महीना बीत चुका है। भले ही कुछ दिनों से दिन भर धूप निकलने और सर्द हवाएं न चलने की वजह से दिन में सर्दी का अहसास भले ही कम हो, लेकिन लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं। सर्दी के मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार और त्वचा के मरीज तो आ ही रहे थे। लेकिन अब सांस रोगियों और सीने में दर्द की शिकायत वाले मरीज भी बढ़े हैं।
शुक्रवार को जिला अस्पताल में 1090 मरीज आए, इनमें ज्यादातर खांसी, जुकाम, बुखार और त्वचा रोग के थे ही। लेकिन सीने में दर्द होने व सांस की दिक्कत वाले मरीज भी दमा, सांस और छाती रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचे। डॉ.विकास राजपूत ने करीब सौ से अधिक मरीज देखे। इनमें ज्यादातर मरीज यानी करीब 45 से 50 मरीज सांस संबंधी आए। कुछ मरीजों के सीने में कई दिनों से आ रही खांसी की वजह से दर्द था। कई दिनों से खांसी होने पर उनका एक्स-रा और खून की जांच भी करा रहे हैं। एक हृदय रोगी भी आया, लेकिन उसे सैफई मेडिकल कॉलेज दिखाने की सलाह दी।
डॉ.विकास राजपूत ने बताया कि सर्दी का मौसम चल रहा है। लोगों को बीमार होने से बचने के लिए ठंड से बचाव करना जरूरी है। खासकर सांस के रोगी। लोग सुबह-शाम जब भी घर से निकले गर्म कपड़े और जूते पहनक व सिर में टोपी लगाकर या मफलर बांध कर ही निकलें। गर्म चीजों का सेवन करें। धूप निकलने पर कुछ देर धूप की गर्माहट जरूर लें।
डॉ.सोनाली विश्वास और डॉ. अनामिका राजपूत ने मिलकर करीब 100 मरीज देखे। शुक्रवार होने की वजह से मरीजों की संख्या कम थी। इनके पास ज्यादातर खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज आए। बताया त्वचा रोगी भी आ रहे हैं उन्हें भी देखकर दवा लिख रहे हैं।
