इटावा/बकेवर/भरथना। जनपद में जिन अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं उनकी स्थिति कैसी है, इसे लेकर शुक्रवार को स्वास्थ्य अधिकारियों के मॉक ड्रिल कराया। इसमें जिला पुरुष अस्पताल व बकेवर के 50 बेड के अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट खराब मिले।
कानपुर से आए संयुक्त निदेशक डॉ. जीके मिश्रा ने संयुक्त जिला अस्पताल में लगे तीनाें ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। यहां पर 1000 लीटर और 500 लीटर के दो ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं, इनमें 500 लीटर का एक ऑक्सीजन प्लांट खराब मिला। इस पर सीएमएस डॉ.एमएम आर्या ने बताया कि संबंधित कंपनी के इंजीनियर को अवगत करा दिया गया है, एक दो दिन में ऑक्सीजन प्लांट ठीक हो जाएगा।
इसके बाद संयुक्त निदेशक ने जिला महिला अस्पताल के 100 बेड के एमसीएच विंग का निरीक्षण किया, जिसे चलवाकर देखा और अस्पताल में पहुंचकर देखा कि बेड तक ऑक्सीजन पहुंच भी रही है या नहीं तो उन्हें ऑक्सीजन सप्लाई बेड तक जाती मिली। इस दौरान एसीएमओ डॉ.बीएल संजय, जिला पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ.एमएम आर्या, जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.अनिल कुमार आदि शामिल रहे।
बकेवर प्रतिनिधि के अनुसार, बकेवर स्थित 50 बेड के अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट करीब तीन महीने से खराब है। सीएचसी अधीक्षक डॉ.वीरेंद्र भारती ने बताया कि प्लांट में ऑक्सीजन बन रही है। लेकिन पाइप तक ऑक्सीजन नहीं जा रही है। इसे सही कराने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है।
भरथना प्रतिनिधि के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भरथना में लगे ऑक्सीजन प्लांट का एसीएमओ डॉ. यतेंद्र राजपूत ने निरीक्षण किया। मॉक ड्रिल के दौरान प्रतीकात्मक कोरोना रोगी को भर्ती कराने से लेकर इलाज शुरू करने और जरूरी दवाएं देने व जरूरी एहतियात बरतने के बारे में बताया गया। एसीएमओ परिसर में लगे ऑक्सीजन प्लांट का मुआयना किया गया। अस्पताल में अभिलेख भी निर्धारित स्थान पर रखने के निर्देश दिए। इस दौरान अधीक्षक डॉ. अमित दीक्षित, डॉ. सुनील बाजपेयी,अनुज,विक्रम,राहुल व धर्मदास आदि उपस्थित रहे।
