इटावा। क्लोन एक्सप्रेस में किसी ज्वलनशील पदार्थ के होने से आग लगने का अंदेशा जताया गया है। शुक्रवार को यहां पहुंचे सीसीआरएस (मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त) और डीआरएम प्रयागराज ने जले कोच देखने के बाद इस बिंदु को आधार मानकर घटना की जांच शुरू की। हालांकि करीब सात घंटे तक चली पड़ताल में फिलहाल दोनों अधिकारी घटना की सटीक वजह तक नहीं पहुंच सके।

उन्होंने जले कोचों की हालत देखने के साथ ही सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती यात्रियों से आपबीती सुनकर भी हादसे का कारण तलाशने की कोशिश की। वहीं, लोको पायलट, गार्ड समेत करीब 13 लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं।

15 नवंबर को शाम करीब साढ़े पांच बजे 02570 नई दिल्ली- दरभंगा क्लोन एक्सप्रेस की चार कोच में आग लगने की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त, नागर विमानन मंत्रालय जनक कुमार गर्ग और डीआरएम प्रयागराज मंडल हिमांशु बडोनी सुबह 10 बजे जंक्शन स्टेशन पहुंचे।

प्लेटफार्म नंबर सात पर पौन घंटे तक सीसीआरएस ने टीम के साथ जले कोचों के अंदर जाकर हकीकत देखी। इसके बाद वह सैफई मेडिकल कॉलेज गए। करीब डेढ़ घंटे बाद पौने एक बजे स्टेशन लौटे। तीन बजे के बाद स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के कक्ष में घटना से संबंधित अधिकारियों के बयान लेना शुरू किए।

नई दिल्ली- दरभंगा क्लोन एक्सप्रेस के लोको पायलट राजेश कुमार, गार्ड बब्लू सिंह, ट्रेन मैनेजर प्रशांत शुक्ला, सराय भूपत रेलवे स्टेशन के अधीक्षक हिमांशु मौर्या, जसवंतनगर कोतवाली प्रभारी मुकेश सोलंकी समेत 13 लोगों को बयान दर्ज किए।



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