चकरनगर। चकरनगर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदहाल है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से डॉक्टर-फार्मासिस्ट के आए दिन नदारद रहने के कारण अस्पताल एलटी के भरोसे संचालित हो रहे हैं। शिकायतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व्यवस्था में सुधार नहीं करा पा रहे हैं। इससे करीब 50 गांवों के लोगों को इलाज के लिए भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मंगलवार को स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आई। सुबह 11:13 बजे हनुमंतपुरा पीएचसी पर एलटी सर्वेश बाबू बैठे मिले, जबकि तैनात डॉ. राकेश यादव अनुपस्थित थे। एलटी ने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी पोस्टमार्टम हाउस में है। वहीं, दोपहर 12:25 बजे गढ़ाकासदा पीएचसी पर एलटी कौशल कुमार मौजूद थे, जबकि तैनात डॉ. रोहित कुमार, फार्मासिस्ट महेश तिवारी और वार्ड बॉय आदित्य कुमार अनुपस्थित मिले।
डॉक्टर के लगातार अनुपस्थित रहने से मरीजों का सरकारी अस्पतालों से भरोसा उठ रहा है। गढ़ाकासदा में दोपहर 12 बजे तक केवल दो मरीज किरण कुमार (26) निवासी पूरा मल्लाहन और मंजू देवी (42) दवा लेने पहुंची थीं। सरकारी अस्पताल में डॉक्टर अनुपस्थित रहने से ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं। बता दें कि सितंबर में गढ़ाकासदा गांव में बीमारी फैलने से सतेंद्र, गुनगुन, किशन और साक्षी चार मासूम बच्चों की मौत हो गई थी।
इसके बाद डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने पीएचसी पर डॉक्टर तैनात करने के निर्देश दिए थे। डॉक्टर की तैनाती के बावजूद मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने डीएम से नियमित डॉक्टर की उपस्थिति सुनिश्चित कराने और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
गढ़ाकासदा अस्पताल के डॉक्टर छुट्टी पर हैं। हनुमंतपुरा अस्पताल के डॉक्टर अनुपस्थित होने के कारण पता करवाते हैं। अगर बिना बताए कोई छुट्टी पर रहता है तो संबंधित डॉक्टर व कर्मी के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
-महेश पाल सिंह, सीएचसी अधीक्षक चकरनगर

फोटो 07: गढ़ाकासदा पीएचसी में मौजूद एलटी कौशल कुमार। संवाद
