चकरनगर। कुशल पाल उर्फ बबलू बुधवार दोपहर समय करीब एक बजे गांव के किनारे पर जंगल में माता मंदिर के पास बकरियों को चरा रहे थे। जंगल की तरफ से आए तेंदुए ने बकरी पर हमला कर दिया। पशुपालक लाठी लेकर दौड़ा और उसने बकरी को तेंदुए के मुंह से लिया, लेकिन बकरी गंभीर रूप से जख्मी हो गई। पशुपालक घायल बकरी को लेकर घर पहुंचा। सेंचुरी विभाग के अधिकारियों को सूचना दी।
वन्य जीव रक्षक के साथ पहुंचे वन दारोगा चंद्रभान सिंह सेंगर ने पशुपालक से जानकारी लेकर पशु चिकित्सक डॉक्टर राहुल कुमार को बकरी के उपचार की सूचना दी। पीड़ित पशुपालक व क्षेत्र पंचायत सदस्य अमोल सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमले की यह पहली घटना नहीं है। चार दिसंबर को गांव निवासी महेश दिवाकर की बकरी को तेंदुए ने निवाला बना लिया था।
आठ दिन पूर्व राधे कृष्ण, व धनतेरस के दिन कुशलपाल की दूसरी बकरी को तेंदुए ने जंगल में निवाला बना लिया था। तेंदुए के आतंक से भयभीत पशुपालक बकरियां बेचने पर मजबूर हो रहे है। पीड़ित पशुपालक ने सेंचुरी विभाग के अधिकारियों से बकरियों के रूप में हुई क्षति की पूर्ति के लिए मुआवजे की मांग की है। सेंचुरी दरोगा सहसों बीट चंद्रभान ने बताया कि तेंदुए ने एक बकरी को घायल कर दिया है। इसका उपचार कराया जा रहा है। (संवाद)
