ताखा। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार डाॅक्टर व स्वास्थ्य कर्मी शासन की आंखों में धूल झोंकने में लगे हैं। आलम यह है कि एक तो वह डयूटी पर नहीं जा रहे हैं। दूसरी ओर फर्जी हस्ताक्षरों से वेतन भी निकल रहा रहा है। यक्ष प्रश्न यह है कि ऐसी स्थिति में आखिर मरीज क्या करें और कहां जाएं। यानी तैनाती सीएचसी पर और हस्ताक्षर पीएचसी पर हो रहे हैं।

ताखा ब्लॉक क्षेत्र में डॉक्टर की तैनाती तो सीएचसी पर की गई है, लेकिन हाजिरी पीएचसी खरगपुर सरैया में लग रही है। जहां एक-एक डाॅक्टर, फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय की तैनाती हैं, लेकिन इकलौता वार्ड बॉय ही मरीजों को दवाएं दे रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गत 30 नबंवर को डाॅ श्वेता यादव की तैनाती सीएचसी ताखा व पीएचसी समथर पर की जरूर है, लेकिन इन्होंने अब तक ज्वाइन ही नहीं किया है।

सूत्रों के अनुसार, उनकी हाजिरी पीएचसी खरगपुर सरैया पर लगाई जा रही है। लेकिन आती वहां पर भी नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार आलम यह है कि एक ही व्यक्ति सभी की ओर से हस्ताक्षर कर दिए जाते हैं। कई महीनों से गायब एक वार्ड बॉय की हाजिरी भी पीएचसी खरगपुर सरैया पर लगाई जा रही है। जबकि पीएचसी पर अधिकृत एक वार्ड बॉय की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन वहां तैनाती दो वार्ड बॉय की है।

वर्जन

स्वास्थ्य केंद्रों पर फर्जीवाड़े की जांच कराई जाएगी। महीनों से गायब वार्ड ब्वॉय के यदि हाजिरी रजिस्टर पर हस्ताक्षर हो रहे हैं, तो उसकी भी जांच कराएंगे। -डॉ.गीताराम,सीएमओ।



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