इटावा। नवंबर का आधा महीना बीतने के बावजूद डेंगू के डंक का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना तो डेंगू के लक्षण वाले मरीज मिल ही रहे हैं, साथ ही डेंगू के एलाइजा मरीज भी निकल रहे हैं।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब से आठ से 17 नवंबर तक के 10 दिन के एनएस-1 के जिन सैंपलों को डेंगू की एलाइजा जांच के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज भेजा गया, उनमें 41 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। साढ़े तीन महीने के अंदर डेंगू के पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 524 हो गई है। डेंगू के केसों में 15 नवंबर के बाद संख्या में जिला अस्पताल के चिकित्सकों के डेंगू के केसों में कमी आने की बात कहे जाने के बावजूद डेंगू के लक्षण वाले मरीज निकल रहे हैंं।
शनिवार को पैथोलॉजी लैब में 48 मरीजों की डेंगू की एनएस-1 जांच हुई, जिसमें 17 मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले। तीन अगस्त से लेकर 18 नवंबर तक साढ़े तीन महीने के अंदर डेंगू के लक्षण वाले 751 मरीज निकल चुके हैं। शनिवार को आपदा वार्ड के संक्रामक वार्ड में डेंगू के लक्षण वाले 18 मरीज भर्ती रहे। बुखार के मरीजों की संख्या में जरूर कमी देखने को मिल रही है। जिला अस्पताल के महिला व शिशु वार्ड में पांच मरीज भर्ती हैं, इनमें तीन महिलाएं व दो बच्चे शामिल हैं।
दिसंबर के पहले सप्ताह तक रहेगा डेंगू का असर
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ.शांतनु निगम का कहना है कि पटाखों व पराली के धुएं से मच्छरों का असर कम होना शुरू हो गया है। सर्दी बढ़ने पर ही डेंगू के केस कम होंगे। अभी कम से कम दिसंबर के पहले सप्ताह तक तो डेंगू के लक्षण वाले मरीज निकल सकते हैं। जो ठंडक बढ़ने पर धीरे-धीरे कम होते जाएंगे।
