इटावा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने दहेज के लिए पत्नी का उत्पीड़न करने के नौ साल पुराने मामले की सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के आधार पर पति को दोषी पाया और उसे तीन साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
भरथना थाना क्षेत्र के गांव ध्यान पुरा निवासी सरिता देवी पुत्री मदन लाल ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी शादी गांव उमर हार थाना किशनी निवासी अभिषेक कुमार पुत्र राम स्वरूप के साथ हुई थी। शादी में उसके पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार की थी। वह अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। उसने धमकी दी थी कि यदि उसकी मांग पूरी न हुई तो वह दूसरी शादी कर लेगा।
सरिता ने 13 अगस्त 2014 को भरथना थाने में मारपीट व दहेज उत्पीडन का मामला दर्ज कराया था। छानबीन के बाद पुलिस ने अभिषेक के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की कोर्ट में हुई। अभियोजन अधिकारी जेपी वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट में साक्ष्य व गवाह पेश किए। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अभिषेक को दोषी पाया और उसे तीन साल की सजा सुनाई व दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
