इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम दिलीप कुमार सचान ने लवेदी थाना क्षेत्र के गांव धर्मपुरा में नवविवाहिता की अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर डेढ़ साल पहले की गई हत्या के मामले पति, सास व ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उन पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र के गांव बीघेपुरा निवासी घनश्याम ने रिपोर्ट कराई थी। अारोप लगाया था कि उसने बहन संध्या की शादी मई 2021 में लवेदी थाना क्षेत्र के गांव धर्मपुरा निवासी विपिन राजपूत उर्फ चीनी पुत्र अजब सिंह के साथ की थी। शादी में दिए गए दहेज से संध्या के ससुरालीजन संतुष्ट नहीं थे। वह अतिरिक्त दहेज के रूप में कार की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ससुरालीजनों ने संध्या का उत्पीड़न शुरू कर दिया।
23 मार्च 2022 को ससुरालीजनों ने संध्या की गला घोंटकर हत्या कर दी। उसे जानकारी मिली तो वह परिवार के साथ मौके पर पहुंचा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर घनश्याम की तहरीर पर पुलिस ने विपिन, सास राम रती देवी, ससुर अजब सिंह जेठ जेठानी व ननद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। छानबीन के बाद पुलिस ने जेठ-जेठानी व ननद की नामजदगी गलत पाई गई।
पुलिस ने पिता, सास व ससुर अजब सिंह के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तरूण कुमार शुक्ला व बलबीर सिंह राजपूत ने मामले की पैरवी की। उनकी ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
