इटावा। जिले से दिल्ली जाने वाली बसें आधी हो गई हैं। सहालग के इस मौसम में बसें न मिलने के कारण यात्रियों को दूसरे साधनों से दिल्ली जाना पड़ रहा है।

प्रदूषण बढ़ने के कारण राजधानी दिल्ली में अब बीएस-6 बसों को ही दाखिले होने दिया जा रहा है। अन्य बसों पर पाबंदी लगा दी गई है। प्रतिबंध के पहले इटावा से दिल्ली रूट पर 30 बसें लगाई गई थीं। प्रदूषण बढ़ने पर इन बसों पर रोक लग गई। जिले में बीएस-6 की सिर्फ 15 बसें ही हैं, जो दिल्ली रूट पर लगाई हैं। ऐसी स्थिति में यात्रियों को भी दिल्ली जाने के लिए कम बसें मिलने से उन्हें अन्य संसाधनों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इसका असर रोडवेज की आय पर भी पड़ रहा है।

इटावा/सैफई डिपो के एआरएम डीएम सक्सेना ने बताया कि इटावा डिपो में 83 बसें हैं। इनमें 11 बसें बीएस-6 की हैं। सैफई डिपो की 23 बसों में बीएस-6 की चार बसें शामिल हैं। चारों नई बसें नवंबर में मिली थीं, जिन्हें दिल्ली भेज रहे हैं। कुल मिलाकर दोनों डिपो में 106 बसों में सिर्फ 15 बसें ही बीएस-6 की हैं। 15 बसों को दिल्ली भेजने की बजाय दूसरे रूटों पर भेजना पड़ रहा है।

बताया कि जनवरी में कुछ नई बसें मिलने की उम्मीद है। इटावा डिपो की 13 बसें नीलामी प्रक्रिया में हैं। उन्हें नीलाम होते ही डिपो को बदले में नई बसें मिलेंगी। इन सभी बसों को दिल्ली रूट पर ही चलाएंगे। बताया कि इटावा डिपो में 115 और सैफई डिपो में 35 समेत इस समय 150 संविदा चालक हैं। नई बसें मिलने पर संविदा चालकों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। 20 नवंबर को 23 साल पूरी करने वाले और दो साल पुराने हैवी लाइसेंस वाले व कक्षा आठ पास वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।



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