इटावा। पराली के दिन प्रतिदिन बढ़ रहे मामलों को लेकर प्रशासन चिंतित है। मंगलवार को डीएम ने प्रधानों, सचिवों और लेखपालों के साथ बैठक करके धान की कटाई करने वाले किसानों की सूची तैयार करके निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
विकास भवन के प्रेरणा सभागार में मंगलवार को बैठक का आयोजन किया गया। इसमें डीएम अवनीश राय ने कहा कि लगातार पराली जलाने के मामले संज्ञान में आ रहे हैं। यह चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पिछले साल जहां दो माह में सिर्फ 69 मामले पराली के आए थे। इस साल सवा महीने में ही 105 मामले प्रकाश में आए हैं। यह सभी को सतर्क करने वाले आंकड़े हैं। यदि हम लोगों ने मिलकर सुधार नहीं किया तो आगामी दिनों में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधान, सचिव और लेखपाल मिलकर इसके लिए काम करें। डुगडुगी बजवाकर मुनादी कराएं। किसानों को जागरूक करें कि पराली जलाने से उनके साथ ही पूरे जनमानस को समस्या होगी। कहा कि यदि किसी भी गांव में अब पराली जलाई जाएगी तो संंबंधित किसान के साथ ही सचिव और लेखपाल पर भी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि एसओ व बीट प्रभारी भी गश्त के दौरान इस चीज की निगरानी करके अवगत कराएं। पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए।
एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधान, सचिव और लेखपाल कोटा डीलरों, गांव के संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठकें करके लोगों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करें। लेखपाल, सचिव, प्रधान सूची बनाएं कि किन किसानों के यहां धान कटना है। उनकी मॉनीटरिंग करके पराली जलाने से रोका जाए। बैठक के अंत में सभी ग्राम प्रधानों ने पराली जलाने से रोकने के लिए प्रशासन का पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। कहा कि उनकी ओर से ऐसे किसानों की सूची अवगत कराई जाएगी।
