इटावा। इटावा-बरेली हाईवे स्थित नई मंडी की दुकानों के सामने जलभराव की समस्या से दुकानदार जूझ रहे हैं। दुकानों के मुहाने पर गंदगी के कारण ग्राहकों का आना-जाना कम हो गया है। कई बार दुकानदारों ने नगर पालिका प्रशासन व जन प्रतिनिधियों से शिकायतें कीं, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
नवीन मंडी में समिति की 80 दुकानों के सामने जलभराव के कारण ग्राहकों और दुकानदारों को परेशानी हो रही है। गंदगी से बजबजाते नाले का पानी अब दुकानों के अंदर प्रवेश करने लगा है। दुकान में जलभराव से हाेने वाले नुकसान से बचने के लिए दुकानदारों ने मिट्टी के बंधे लगा रखे हैं। दुकानदारों ने बताया कि मच्छरों और गंदगी के प्रकोप से संक्रमित बीमारियों का खतरा बना रहता है। पालिका ने एक बार भी कीटनाशक का छिड़काव नहीं कराया।
सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि इस पूरे बाजार में कई खान पान की दुकानें भी हैं। आसपास के लाेगों सहित मंडी में पहुंचने वाले सैकड़ों किसान इन्हीं दुकानों पर नाश्ता करते हैं। नाश्ते की दुकान पर खड़े किसान हिमांशु तिवारी ने बताया कि धान बेचने आए हैं। तौल में अभी देरी है इसलिए नाश्ता करने बाहर निकल आए, लेकिन यहां गंदगी के कारण खड़ा होना भी दुश्वार है।
मंडी में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए तीन वर्ष पूर्व एक तालाब का निर्माण करवाया गया था। अब यह तालाब भी बदहाली का शिकार है। पानी निकासी ताे दूर इसकी साफ-साफाई भी नहीं करवाई गई है। तालाब का ऑवर फ्लो पानी दुकानों के बाहर जमा होकर बीमारियों को दावत दे रहा है।
दुकानदारों की बात
– आटा चक्की संचालक नेत्रपाल सिंह ने बताया कि गंदगी के कारण अब जीना दुश्वार हो गया है। कोई सुनने वाला नहीं है। गंदगी में रहकर मच्छरों से दोस्ती हो गई हैं। इलेक्ट्रानिक दुकान के संचालक रमेशचंद्र का कहना है कि बरसात में स्थिति और भी बदतर थी । हर वर्ष दीवाली पर अच्छा व्यापार चलता था लेकिन इस बार दुकानदारी न के बराबर हो रही है। ऑटो पार्ट्स विक्रेता मनोज ने बताया कि गंदगी के कारण ग्राहकों का आना ही बंद हो गया है। कई दुकानों में गंदा पानी भरने लगा है। ऐसे में दुकानदार गंदे पानी को खुद बाल्टी से निकालना पड़ता है। ट्रैक्टर मिस्त्री नौशाद अली ने बताया कि जो भी किसान ट्रैक्टर की मरम्मत करवाने आते हैं। उन्हें मजबूरीवश सड़क के किनारे सही करना पड़ता है। इसमें भी खतरा रहता है लेकिन मजबूरी कुछ भी करवाए।
वर्जन
सड़क के किनारे नाले के निर्माण का कार्य हाईवे प्रशासन का है। वहीं, मंडी परिसर के अंदर का तालाब मंडी समिति के अधीन है। -विनय मणि त्रिपाठी, ईओ नगरपालिका
