इटावा। बेटी को सही कराने की चाहत ने पढ़े-लिखे परिवार को भी तंत्र विद्या पर विश्वास करने को मजबूर कर दिया। एक सप्ताह पहले ही संपर्क में आए तांत्रिक ने परिजनों का वशीकरण करके घटना को अंजाम दे दिया। बेबस परिवार बेटी की मौत के बाद भी 24 घंटे तक उसके सही होने की आस में शव रखे रहा।

पथवरिया निवासी सुरेश चंद्र सक्सेना का पूरा परिवार पढ़ा लिखा है। लगभग बीस साल पहले सुरेश बेसिक शिक्षा में शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। चार लोगों का सुखी परिवार था। कुछ साल पहले बेटी की शादी की थी। वह टूट गई। इसके बाद दूसरी शादी भी लंबे समय नहीं चल सकी। बेटे की शादी भी पारिवारिक कलह बनी हुई थी। इन सब परेशानियों के बीच बेटी मानसिक रूप से बीमार हो गई।

परिजनों ने उसका शहर से लेकर दिल्ली तक इलाज कराया, लेकिन आराम न मिलने और लगातार परेशानियां बढ़ने से तंत्र विद्या वालेे विचार मन में आने लगे। पढ़ा लिखा परिवार तांत्रिक के चक्कर में पड़ गया और इतनी बड़ी वारदात हो गई। घटना के बाद पुलिस, रिश्तेदार और आस-पड़ोसी इसी बात को बार-बार कह रहे थे कि इतना पढ़ा लिखा परिवार इन सब चक्करों में पड़ कैसे गया।

पड़ोसियों के अनुसार, हत्या के बाद शव जब घर में रखा रहा तो इस बीच मोहल्ले के कुछ बच्चे सुरेश के घर गए थे। उन्होंने प्रिया के देर तक सुबह लेटे होने पर पूछा भी था। इस पर परिवार के लोगों ने बीमार होने की बात कही। वशीकरण की वजह से परिजनों के सामने ही भूत प्रेत भगाने के नाम पर आरोपी तांत्रिक प्रिया को पीटता भी रहा, लेकिन परिजनों ने उसे नहीं रोका।

जागरूकता की कमी बन रही घटनाओं का कारण

मनोचिकित्सक डॉ. शैलेंद्र यादव ने बताया कि अवसाद या मानसिक रूप से कोई अन्य परेशानी किसी तंत्र विद्या से ठीक नहीं होती है। किसी भी इलाज को पूरा होने में समय लगता है, लेकिन लोग इस बीच में धैर्य छोड़ देते हैं। मानसिक बीमारियों को लेकर लोगों आज भी जागरूकता कम है। इस वजह से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।



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