फोटो 37:::::लखनऊ जेल में भेजे जाते डॉ. समीर सर्राफ। संवाद
पुलिस का दावा-जल्द ही जांच में कई अन्य लोगों के भी नाम आ सकते हैं सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
सैफई (इटावा)। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में पेसमेकर घोटाले में जेल जाने वाले सर्जन डॉ. समीर सर्राफ को बुधवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। वहीं, पुलिस जांच में कुछ और नाम सामने आ सकते हैं।
करोड़ो रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में आयुर्विज्ञान विवि के डॉ. समीर सर्राफ को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को उसे दोबारा निलंबित कर दिया है। नकली पेसमेकर लगाकर मरीजों को साथ खिलवाड़ करने के मामले में पुलिस जांच में लिखे अज्ञात नामों का भी जल्द खुलासा नहीं हो सकता है।
बुधवार को विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव डॉ चंद्रवीर सिंह ने बताया कि मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार और पुलिस की ओर से जानकारी प्राप्त करने के बाद डॉ. समीर सर्राफ को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। जो देर शाम तक पत्र तैयार कर लिया गया है संभवत गुरुवार को सुबह आदेश जारी किया जाएगा।
17 माह तक कार्डियोलॉजी ओपीडी रही थी बंद:::::
कार्डियोलॉजी विभाग में मार्च 2021 में डॉ. समीर सर्राफ निलंबित किया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की ओपीडी 17 महा तक बंद रही थी। यहां आने वाले दिल के मरीजों को इलाज न मिलने के कारण कानपुर और लखनऊ जाने को बेहोश होना पड़ रहा था। इस उसे बहाल कर दिया गया था।
