इटावा। 15 नवंबर को नई दिल्ली से दरभंगा जा रही 02570 क्लोन एक्सप्रेस में सराय भूपत रेलवे स्टेशन के चार स्लीपर कोच में आग लगने की घटना की जांच जारी है। अब तक छह बार आला अधिकारी जांच कर चुके हैं। 12 दिसंबर को कानपुर में सीआरएस की जांच होने की वजह से रविवार को प्रयागराज से दो अधिकारी जांच करने आए।

रविवार को मुख्य संरक्षा अधिकारी प्रयागराज उमेश चंद्र शुक्ला व वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी प्रयागराज एमके गुप्ता नई दिल्ली से शताब्दी एक्सप्रेस से इटावा पहुंचे। रैंप से पुल से होते हुए प्लेटफार्म नंबर सात पर खड़े 02570 क्लोन एक्सप्रेस के कोचों के पास पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने चार स्लीपर कोचों के अंदर जाकर गहनता पूर्वक जांच की। इस दौरान स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना, आरपीएफ थाना के प्रभारी निरीक्षक गजेंद्र पाल सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे।

इन दोनों अधिकारियों ने किसी भी रेलवे कर्मचारी से कोई बयान भी नहीं लिए। वहीं रविवार की जांच 12 दिसंबर को सीआरएस के कानपुर में जांच करने के मद्देनजर की गई है। संभावना है कि स्थानीय अधिकारी भी जांच कार्य में कानपुर जा सकते हैं।

यह अधिकारी कर चुके हैं जांच

घटना के बाद 17 नवंबर को सीसीआरएस व डीआरएम, 20 नवंबर को आगरा से आई फोरेंसिक टीम, 21 को आगरा से आई बम निरोधक टीम भी जांच कर चुकीं हैं। जबकि दिसंबर के महीने में एक दिसंबर को उप मुख्य संरक्षा अधिकारी मनीषा गोयल, चार को वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी उमेश चंद्र शुक्ला तथा वरिष्ठ मंडल मैकेनिकल इंजीनियर शिव सिंह तथा 10 दिसंबर को वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी उमेश चंद्र शुक्ला व वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी प्रयागराज एमके गुप्ता स्लीपर कोचों में लगी आग की जांच की। वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी उमेश चंद्र शुक्ला दो बार जांच कर चुके हैं। दोनों अधिकारी कालका एक्सप्रेस से रवाना हो गए।



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