इटावा। सदर पशु चिकित्सालय परिसर में पांच साल से बनकर तैयार खड़े प्रदेश के पहले भेड़ एवं बकरी प्रशिक्षण केंद्र में पहली बार सोमवार को किसानों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। इसमें इटावा समेत प्रदेश के अन्य जनपदों से आए 40 किसान प्रशिक्षण लेंगे।
पहले दिन उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने पशु पालकों को टीकाकरण के बारे में जानकारी दी। जमुना पारी प्रक्षेत्र भदावरी की पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शिवांगी पांडेय ने छोटे पशुओं में बीमारियों व जरूरी उपचार के बारे में बताया। प्रशिक्षण में इटावा के 10 पशु पालकों के अलावा गोरखपुर, हरदोई, बलरामपुर, उरई, रायबरेली, लखीमपुर, अमेठी, अंबेडकर नगर, सोनभद्र आदि जिलों के शामिल हैं।
शुभारंभ सीडीओ प्रणता एश्वर्या ने फीता काटकर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कहा कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण से बकरी पालकों को बहुत लाभ होगा। बकरी पालन के जरिए पशु पालक अपनी आय बढ़ा सकते हैं। कानपुर मंडल के अपर निदेशक डॉ. आरएन सिंह ने बताया यह प्रदेश का पहला प्रशिक्षण केंद्र है। इटावा में बरबरी और जमुनापारी बकरी पाई जाती है। जो अन्य प्रदेशों में भी भेजी जाती हैं। किसानों को और अधिक आय मिलेगी। यह केंद्र जिले के लिए गर्व की बात है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण सुबह-शाम को तीन-तीन घंटे चलेगा। जिसमें भेड़ की संरचना और उनकी बीमारियों के बारे में बताया जाएगा। बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण में किसानों को एलडीएम, नाबार्ड, जिला कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोशिश है कि पशु पालकों को सभी जानकारी मिले। इटावा में बकरियों की दो प्रजाति बरबरी व जमुनापारी पाई जाती हैं, जो विश्वस्तरीय हैं।
बताया कि प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के किसी भी जनपद के किसान अपने नजदीक के पशु अस्पताल में पंजीकरण करा सकते हैं। उसे संबंधित जिले के सीवीओ अग्रसारित कर प्रशिक्षण केंद्र को भेजेंगे। पंजीकरण निशुल्क है। प्रशिक्षण के दौरान रहने की सुविधा निशुल्क है। खाने के लिए मैस की व्यवस्था है, जिसका उन्हें शुल्क अदा करना होगा।
प्रशिक्षण केंद्र के पदेन प्रधानाचार्य सीवीओ डॉ.मनोज कुमार गुप्ता व उप प्रधानाचार्य डॉ.अशोक कुमार हैं। प्रशिक्षण केंद्र में पहले बैच के शुभारंभ पर सदर अस्पताल के प्रभारी डॉ.आरके त्रिपाठी, डाॅ.जितेंद्र शर्मा, डॉ.शरद यादव, डॉ.शिवांगी पांडेय, राजेंद्र यादव, अनिलवीर सिंह चौहान, अनिल त्रिपाठी, बादाम सिंह, अखिलेश यादव आदि लोग शामिल रहे।
फोटो 27: शैलेंद्र सिंह
गोरखपुर से आए पशु पालक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास 10 बकरी है। सरकारी योजना के तहत 100 बकरी लेने के उद्देश्य से प्रशिक्षण लेने आए हैं। इसमें 20 लाख की योजना में 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। बताया कि उनके साथ तीन अन्य पशु पालक दीन दयाल यादव, अजीत सिंह व बलराम यादव भी आए हैं।
फोटो 28: जयचंद
इटावा जिले के गांव मानिकपुर से आए पशु पालक जयचंद ने बताया कि उनके पास चार जमुनापारी बकरी है। तीन साल से वह बकरी पालन कर रहे हैं। वह तीन महीने पहले फरह (मथुरा) स्थित केंद्रीय बकरी अनुसंधान केंद्र से भी प्रशिक्षण ले चुके हैं। जमुना पारी बकरी दो से ढाई गुना दूध देती है। इसकी पहचान भी अलग है।
