फोटो 31:::: खेत में खड़ी धान की फसल। संवाद
कृषि अधिकारी करा रहे आकलन, बसरेहर में पांच से 10 प्रतिशत नुकसान की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जिले में बाजरा और धान की फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग नुकसान का आंकलन करा रहा है। प्रथम दृष्टया बसरेहर ब्लॉक में पांच से 10 प्रतिशत का नुकसान होने की आशंका है। अन्य ब्लॉक क्षेत्रों की भी स्थिति अधिकारी टटोल रहे हैं।
सोमवार को तेज हवाओं के साथ और मंगलवार को हल्की बारिश होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बसरेहर क्षेत्र में सोमवार की शाम कुछ देर हुई ओलावृष्टि से भी फसलें चौपट होने की आशंका सता रही है। फसलों के नुकसान को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग के अधिकारी मौके मुआयना कर आंकलन कर रहे हैं।
कृषि अधिकारी किसानों को सलाह दे रहे हैं कि यदि उनकी बाजरा और धान की फसल पक गई है तो जल्द से जल्द काट लें। क्षेत्र में सर्वाधिक धान, बाजरा, आलू की फसलों का उत्पादन होता है। खेत में ही बाजरा व धान की फसल पलट गई है। इन फसलों के अलावा मूंग और उर्द की फसल को भी नुकसान हुआ है। बलरई और जसवंतनगर के क्षेत्र में खेती को ज्यादा नुकसान होने की खबरें हैं।
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नगला तुला निवासी निर्मल चंद ने बताया कि इस बार देरी से धान की फसल की बुआई की थी। खेतों में 1718 प्रजाति का धान बुआई की है। लेकिन, बारिश और तेज हवा से इस धान गिरने से नुकसान हुआ है।
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किसान नरायन सिंह ने बताया बाजरे की खड़ी फसल को 30 प्रतिशत नुकसान हुआ है। जो फसल खेत में पड़ी थी, उसका दाना काला पड़ जाएगा और खाने में भी कड़वा लगेगा। ऐसे में बाजार में उसे बेचने में बहुत दिक्कत होगी।
वर्जन
बेमौसम बारिश से कितना नुकसान हुआ है, इसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। तापमान से कोई ज्यादा असर नहीं पड़ा है। आलू की बुआई चल रही है। सरसों की फसल जम रही हैं। इसमें कम नुकसान हुआ है। किसान जल्द से जल्द फसल काट लें। बरसात की अभी संभावना बनी हुई है। आरएन सिंह, कृषि उपनिदेशक
