इटावा। प्रदेश सरकार की ओर से अप्रैल से नलकूप का बिल माफ करने की घोषणा के बाद भी किसानों के पास बिजली के बिल पहुंच रहे हैं। हालात यह है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को अभी तक बिलमाफी के लिए कोई आदेश ही नहीं मिले हैं। इसके चलते विभाग की ओर से लगातार लगभग 3,600 ट्यूबवेल उपभोक्ता लगातार बिल जारी होने से 23 करोड़ रुपये के कर्जदार हो गए हैं।

प्रदेश के किसानों के लिए अप्रैल से बिजली बिल माफी की घोषणा की गई थी। इसके तहत कृषि विभाग ने निजी नलकूप को मुफ्त बिजली देने के लिए ऊर्जा विभाग को करीब नौ सौ करोड़ का बजट भी दे दिया। इसके बाद भी अभी तक शासनादेश जारी नहीं किया गया है। इस बीच एकमुश्त समाधान योजना शुरू हो गई । इस योजना के तहत जिले के 995 किसानों ने तीन करोड़ से अधिक की धनराशि जमा भी कर दी है।

किसानों के लिए फ्री बिजली देने की मांग कर रहे किसान संगठन के पदाधिकारियों ने भी इस कदम का स्वागत किया था, लेकिन सरकार की ओर से घोषणा किए जाने के बाद करीब आठ माह से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक शासन की ओर से नलकूपों के बिल माफी के लिए बिजली विभाग को कोई आदेश नहीं मिले हैं। स्थिति यह है कि जिले के करीब 83 सौ उपभोक्ताओं को इसका खामियाजा सीधे तौर पर भुगतना पड़ रहा है।

यह है जिले में निजी नलकूप संचालकों की स्थिति::::जिले में 83 सौ निजी नलकूप हैं। इनमें से 4680 किसान विभाग की ओटीएस योजना में आ रहे हैं। योजना के तहत 995 किसानों ने तीन करोड़ 33 लाख रुपये की धनराशि जमा भी कर दी है। वहीं 3685 किसानों पर 23 करोड़ 30 लाख रुपये का बकाया है।

किसानों की बात

ताखा क्षेत्र के ग्राम आनंदपुर निवासी किसान कृष्ण पाल सिंह ने बताया कि उनसे करीब 17 माह का बिल लिया गया। अक्तूबर तक के बिल में उन्होंने 27 हजार रुपये जमा कराए हैं। अप्रैल से लेकर अक्टूबर तक का बिल जोड़कर उस पर ब्याज भी लिया गया। ताखा क्षेत्र के ग्राम नगला लछी निवासी किसान मुलायम सिंह ने बताया कि सरकार ने किसानों के निजी नलकूपों का बिल फ्री कर दिया है। उसके बाद भी ब्याज सहित बिल की वसूली की जा रही है। बताया कि 57 हजार बिल बकाया है। जो नवंबर माह तक का है। विभाग पूरा बिल जमा करने के लिए कह रहा है। चकरनगर क्षेत्र के ग्राम मंगद गढ़ी निवासी किसान लोकेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने फ्री बिजली बिल की बात कही थी, लेकिन बिजली विभाग पूरा बिल मांग रहा है। मैंने जमा नहीं किया तो ट्यूवबेल का कनेक्शन ही काट दिया। अब किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। सरकारी नलकूप खराब हैं।

वर्जन

शासन से अभी तक इस संबंध कोई शासनादेश नहीं आने की वजह से निजी ट्यूबवेल संचालकों को बिल जारी किए जारी किए जा रहे हैं। शासनादेश आने के बाद से किसानों को इसका लाभ दिया जाएगा। -अवनीश राय, जिलाधिकारी

वर्जन

बजट में इस तरह की घोषणा होने की बात सामने आई थी, लेकिन अभी तक ऐसा कोई शासनादेश नहीं आया है। ऐसे में अभी निजी ट्यूबवेल संचालकों को बिल जारी किए जा रहे हैं। – संदीप अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग



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