सैफई। नवंबर माह शुरू हो गया है, लेकिन बुखार के मरीजों की संख्या कम हाेने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को आलम यह रहा कि उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में बुखार के मरीजों से 40-40 बेड के पुरुष एवं महिला वार्ड फुल हो गए। मरीजों को भर्ती कराने की मारामारी के दौरान गैलरी में अतिरिक्त बेड डालने पड़े। तब जाकर मरीजों का उपचार शुरू हुआ।
शुक्रवार को हाल यह रहा कि 80 बेड के महिला एवं पुरुष बेड फुल होने के बाद दोगुना बुखार के मरीजों के बढ़ने पर गैलरी में अतिरिक्त बेड डालने पड़े। कुल मिलाकर बुखार के 150 मरीज भर्ती हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, पिछले चार दिन से बुखार के मरीज बढ़े चल रहे हैं। समस्त बेड मरीजों से फुल होने पर वार्ड में जगह नहीं होने पर गैलरी में बेड डालकर मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है।
गैलरी में बेड पर भर्ती मरीजों ने बताया कि कोई दिक्कत नहीं है। बेड मिल गया है इलाज कराने आए हैं और इलाज सही हो रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के बारे में गलती से भी कुछ बोले देंगे तो परेशानी उन्ही को होगी। शिकायत करने पर तब शायद अच्छा इलाज ही न मिले। बेड मिल गया यही सबसे बड़ी बात है। जानकारी के अनुसार, पिछले साल भी इसी तरह से बुखार के मरीजों के बढ़ने पर आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय प्रशासन को गैलरी में बेड डालने पड़े थे।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो.डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि पिछले कई दिन से बुखार के मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से अतिरिक्त बेड डाले गए हैं। इस समय ओपीडी लगभग 2500 से 3000 तक हो रही है। मेडिसिन विभाग में 250 से 300 मरीज आ रहे हैं। मरीजों की संख्या कम होते ही गैलरी से मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।
