सैफई। मधुमेह ऐसी बीमारी है, जिसमें तत्काल शरीर में कुछ पता नहीं चलता। लेकिन यह अंदर ही अंदर शरीर को खोखला करने लगती है। मधुमेह के कारण हार्ट डिजीज, ब्लाइंडनेस, किडनी फेल्योर, लिवर फेल्योर जैसी बीमारियां हमला बोल सकती हैं। लिहाजा मधुमेह को लेकर सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है। यह बातें उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.प्रभात कुमार सिंह ने मधुमेह दिवस पर कही।

शुक्रवार को विश्व मधुमेह दिवस पर विश्वविद्यालय के मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मधुमेह से संबंधित सभी पहलुओं पर चर्चा हुई। उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. प्रभात कुमार सिंह ने किया। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डाॅ.मनोज कुमार ने बताया विश्व मधुमेह दिवस 2023 की थीम एक्सेस टू डायबिटीज केयर है। कहा कि लोगों को मेटाबॉलिक डिसार्डर से जुडी बीमारियों और मधुमेह मेलिटस सेट के बारे में जागरूक करने की जरूरत है, जिससे लोग डायबिटीज के बारे में जागरूक हो सकें। साथ ही शरीर में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद मिल सके।

प्रति कुलपति एवं न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. रमाकांत यादव, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एसपी सिंह, डाॅ. मनोज कुमार, डाॅ. आईके शर्मा, डाॅ. विजय कुमार वर्मा, डाॅ. सुशील कुमार यादव, डाॅ. ग्रंथ कुमार, डाॅ. पंकज कुमार आदि ने भी मधुमेह पर जानकारी दी।



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