संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Tue, 10 Oct 2023 12:10 AM IST
इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार गर्ग ने आठ साल पुराने मादक पदार्थ रखने के मामले एक आरोपी को पांच साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता योगेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि सहसों थाने में तैनात दरोगा टेक बहादुर चौधरी 19 अक्तूबा 2015 को अपने हमराह फोर्स के साथ गश्त पर थे। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि एक व्यक्ति भिंड की ओर से बाइक से आ रहा है। वह अवैध रूप से गांजा की तस्करी करता है। इस पर उन्होंने सोनूपुरा के पास वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। तभी भिंड की ओर से एक व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया तो उसने बाइक को मोड़कर भगाने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे दौड़ाकर दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से चार किलो सौ ग्राम गांजा बरामद हुआ।
पूछताछ में उसने अपना नाम करन सिंह यादव निवासी सहसों बताया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह भिंड से गांजा लाकर अपनी परचूनी की दुकान पर बेचता है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया। बाद में छानबीन के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर पांच में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने करन सिंह को दोषी पाया। इस पर उसे कोर्ट ने उसे पांच साल की सजा के अलावा पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
